बिलासपुर। तहसील कार्यालय को कोनी में स्थानांतरित किए जाने के फैसले के खिलाफ वकीलों ने कड़ा विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और तहसील कार्यालय को मौजूदा स्थान से न हटाने की मांग की। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने वकीलों से मुलाकात की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ। राज्य सरकार ने कोनी में 9 करोड़ रुपये की लागत से नए तहसील भवन के निर्माण की स्वीकृति दी है। इस खबर के सामने आने के बाद जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघ ने फैसले का विरोध शुरू कर दिया। वकीलों का कहना है कि तहसील कार्यालय के स्थानांतरण से न केवल अधिवक्ताओं को, बल्कि आम नागरिकों को भी असुविधा होगी। वर्तमान स्थान पर पर्याप्त जगह उपलब्ध है, जहां तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा सकता है।

प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने प्रशासन की नई योजना को अव्यवहारिक करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान तहसील कार्यालय शहर के केंद्र में स्थित है, जिससे लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए अधिक दूर नहीं जाना पड़ता। यदि इसे कोनी स्थानांतरित किया जाता है, तो लोगों को अतिरिक्त 8-10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। वकीलों ने कलेक्टर से अपनी मांगों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि नेहरू चौक में ट्रैफिक समस्या का कारण तहसील कार्यालय नहीं, बल्कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां और दुकानों की भीड़ है। प्रशासन को इस समस्या का समाधान करना चाहिए, न कि तहसील कार्यालय को शिफ्ट करने का निर्णय लेना चाहिए। जिला बार काउंसिल के सचिव रचि पांडेय ने कहा कि तहसील कार्यालय के स्थानांतरण से वकीलों और पक्षकारों दोनों को असुविधा होगी।

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By Chhattisgarh Kranti

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