महासमुंद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन-भत्तों की राशि में हेरफेर कर सरकारी खजाने से अवैध रूप से पैसे निकालने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के तत्कालीन सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने वेतन देयक (Salary Bill) में वास्तविक राशि से कहीं अधिक भुगतान दर्शाया और बढ़ी हुई शासकीय राशि का आहरण कर गबन को अंजाम दिया। सहायक शिक्षक के वेतन में की गई थी अत्यधिक वृद्धिजारी निलंबन आदेश के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर की भी मुख्य भूमिका रही है, जिन पर विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। आरोप है कि निर्मलकर ने सिरपुर स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक (विज्ञान) विपिन कुमार साहू के वास्तविक वेतन-भत्तों में रिकॉर्ड स्तर पर अत्यधिक वृद्धि कर दी थी। इसी बढ़ी हुई फर्जी राशि के आधार पर कोषालय (Treasury) से राशि का भुगतान करा लिया गया। विभाग द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से जिला शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि शासकीय धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और जांच के बाद दोषियों पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। Post Views: 4 Please Share With Your Friends Also Post navigation शराब तस्करी केस में शिक्षक गिरफ्तार, 48 घंटे हिरासत के बाद DEO ने किया निलंबित