सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब यह तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस संयोग को अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली माना गया है। यह दिन कुंडली में मंगल जनित दोषों, कर्ज की समस्या और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए एक महा-अवसर की तरह होता है। यदि आप लंबे समय से मानसिक अशांति, कार्यों में रुकावट या वित्तीय तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस भौमवती अमावस्या पर नीचे दिए गए विशेष उपाय आपके जीवन को बदल सकते हैं।

भौमवती अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व

मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, भूमि और ऋण (कर्ज) का कारक माना जाता है। वहीं, अमावस्या तिथि पितरों और राहु-केतु की शांति के लिए सर्वोत्तम मानी गई है। जब ये दोनों मिलते हैं, तो एक ऐसा ऊर्जा क्षेत्र बनता है जहाँ किए गए छोटे से उपाय का भी कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।

  1. मंगल दोष और कर्ज से मुक्ति के उपाय

यदि आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है, विवाह में देरी हो रही है, या आप भारी कर्ज के बोझ से दबे हैं, तो यह उपाय अवश्य करें:
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल: इस दिन सुबह या शाम के समय हनुमान मंदिर जाएं। उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। वहीं बैठकर 3 बार बजरंग बाण का पाठ करें।
ऋणमोचक मंगल स्तोत्र: कर्ज से परेशां लोग इस दिन ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करें। इससे धन आगमन के मार्ग खुलते हैं।
मंगल जनित वस्तुओं का दान: किसी जरूरतमंद को लाल मसूर की दाल, तांबा, गुड़ या लाल वस्त्र दान करें। इससे मंगल का क्रूर प्रभाव शांत होता है।

  1. राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के उपाय

यदि राहु या केतु के कारण जीवन में अचानक परेशानियां आ रही हैं, भ्रम की स्थिति रहती है या स्वास्थ्य खराब रहता है, तो निम्नलिखित उपाय करें:
शिवलिंग पर काले तिल और धतूरा: राहु-केतु की शांति के लिए भगवान शिव की शरण से बेहतर कुछ नहीं। इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल मिश्रित दूध चढ़ाएं और काले तिल व धतूरा अर्पित करते हुए “ॐ नमः शिवाय” का जप करें।
पितृ तर्पण और सप्तधान्य दान: अमावस्या पर पितरों के निमित्त जल में काले तिल मिलाकर तर्पण करें। इसके बाद सप्तधान्य (7 प्रकार के अनाज) या काले कंबल का दान करें। इससे राहु-केतु का दोष दूर होता है।
जीव-जंतुओं की सेवा: इस दिन मछलियों को आटे की गोलियां और काले कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाने से केतु और राहु के अशुभ फल समाप्त होते हैं।

  1. सुख-समृद्धि और भूमि लाभ के लिए महाउपाय

हनुमान जी के मंदिर में ध्वजारोहण: भौमवती अमावस्या के दिन किसी सिद्ध हनुमान मंदिर में जाकर त्रिकोणीय लाल रंग का झंडा (जिस पर ‘राम’ नाम लिखा हो) लगाएं। ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसा करने से भूमि, मकान या प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तुरंत सुलझ जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

भौमवती अमावस्या पर क्या न करें?

इस दिन पूरी तरह से सात्विक रहें। तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज) से दूर रहें।
घर में क्लेश न करें और न ही किसी का अपमान करें।
इस दिन किसी से नया कर्ज लेने से बचना चाहिए।

निष्कर्ष: भौमवती अमावस्या आपके जीवन से नकारात्मकता को मिटाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का दिन है। पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ इन उपायों को अपनाएं और हनुमान जी व शिव जी की कृपा प्राप्त करें।

(जय श्री राम। यदि आप अपनी कुंडली के अनुसार मंगल या राहु-केतु का विशेष फलादेश या उपाय जानना चाहते हैं, तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।)

आचार्य पं गिरीश पाण्डेय
मंदिर चौक, पिथौरा
महासमुंद, छत्तीसगढ़
☎️ 7000217167

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By Chhattisgarh Kranti

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