नई दिल्ली। अगर आप भी दिल्ली की सड़कों के खिलाड़ी हैं, तो ये नया अपडेट आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है। दिल्ली की सड़कों का हाल बदलने वाला है, अब आप सोचेंगे वो कैसे? तो चलिए हम आपको बताएं। दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा चालान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिल्ली में ड्राइविंग करने वालों के लिए बड़ी खबर! जी हाँ! फर्जी चालानों पर लगाम लगाने के लिए अब OTP प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। अब आपके मोबाइल पर आया एक OTP बनेगा आपकी जेब का ‘सुरक्षा कवच’, जो आपको फर्जी चालानों से बचाएगा और अब बिना ओटीपी कन्फर्मेशन के कोई भी चालान आपके रिकॉर्ड पर नहीं चढ़ेगा। अब दिल्ली में ट्रैफिक चालान तभी ‘फाइनल’ होगा जब आप अपने फोन पर प्राप्त वन-टाइम पासवर्ड अधिकारी को देंगे। अक्सर देखा गया है कि दिल्ली में चालान काटते समय गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने से मैसेज किसी और के पास चला जाता है। इसी डेटा की गड़बड़ी को ठीक करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा, अब OTP सिस्टम लाया गया है। नए नियम क्या हैं? नए नियमों के मुताबिक, जैसे ही आप कोई ट्रैफिक नियम तोड़ेंगे, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी तुरंत आपका नंबर अपने डिवाइस में दर्ज करेगा, जिससे चालान की डिजिटल कार्यवाही शुरू हो जाएगी। नंबर दर्ज होते ही, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर तुरंत एक OTP भेजा जाएगा। जैसे ही आप पुलिस अधिकारी को ओटीपी बताएंगे और वह सिस्टम में मैच हो जाएगा, तभी आपका चालान आधिकारिक रूप से जारी होगा। वेरिफिकेशन के बाद आपका यह नंबर VAHAN पोर्टल पर भी अपडेट हो जाएगा। इस बदलाव की वजह क्या है? ट्रैफिक डेटा के अनुसार, राजधानी में प्रतिदिन चालान की संख्या 20 हज़ार के आंकड़े को छू रही है। हैरानी की बात यह है कि गलत डेटा की वजह से कई बार बेकसूर लोगों को भी उन गलतियों का जुर्माना भरना पड़ता है, जिनका ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से कोई लेना-देना ही नहीं होता। गलत नंबरों की वजह से आने वाली ढेरों शिकायतों ने पुलिस की परेशानी बहुत बढ़ा दी थी.. अब इस नए सिस्टम से, दिल्ली पुलिस का यह नया हथियार फर्जीवाड़े को रोकेगा और सुनिश्चित करेगा कि चालान की रसीद सिर्फ सही व्यक्ति के मोबाइल पर ही फ्लैश हो। इसका एक फायदा यह भी है कि चालान कटने के साथ-साथ आपका सही मोबाइल नंबर ऑटोमैटिकली ‘वाहन’ पोर्टल पर अपडेट हो जाएगा। इससे आपका पुराना नंबर हट जाएगा और नया नंबर जुड़ जाएगा, ताकि आने वाले समय में आपको सभी अलर्ट्स सही नंबर पर मिलेंगे। क्या होगा यदि मोबाइल साथ न हो या फिर बंद हो तो ? पुलिस का कहना है कि इस पूरे सिस्टम को लागू करने की एकमात्र वजह चालान प्रक्रिया को और अधिक ‘ट्रांसपेरेंट’ बनाना है। OTP वेरिफिकेशन न होने पर चालान की प्रक्रिया बीच में ही रुक जाएगी, जिससे गलत या फर्जी चालान जारी होने का खतरा पूरी तरह टल जाएगा। दिल्ली की सड़कों पर अब होगा ‘स्मार्ट’ सफर! ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है। Post Views: 19 Please Share With Your Friends Also Post navigation ब्रेकिंग : पेपर लीक के बाद NEET की परीक्षा रद्द, जल्द होगी नयी तारीखें घोषित