2022 के सीजीपीएससी में दूसरा स्थान पाने वाले डिप्टी कलेक्टर शुभमदेव की 6 साल की संघर्ष की कहानी युवाओं के लिए है प्रेरणादायक छत्तीसगढ़ – उदयपुर ब्लॉक सहित सरगुजा जिला का नाम रोशन करने वाले शुभमदेव की कहानी एक प्रेरणा है जो युवाओं को संघर्षों का सामना करने और हार नहीं मानने की प्रेरणा देती है। उदयपुर – सीजीपीएससी में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले शुभमदेव का जन्म 15 अगस्त 1994 को उदयपुर में हुआ है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक, माध्यमिक और हायर सेकेण्डरी की शिक्षा स्थानीय स्कूलों में पूरी की और बाद में आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने यूपीएसएसी की तैयारी के लिए दिल्ली जाने का निर्णय लिया, लेकिन चार बार मेंस की परीक्षा दी एक बार इंटरव्यू तक पहुंचे परंतु सफलता नहीं मिली यहां पर असफल होने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और सीजीपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। उनकी 6 साल की मेहनत रंग लाई और उन्होंने 2022 के सीजीपीएससी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। शुभमदेव के लिए प्रेरणा स्त्रोत उनके माता आशा गुप्ता-पिता देव कुमार गुप्ता और भैया राहुल देव – भाभी श्रीमती भावना गुप्ता हैं, जो छत्तीसगढ़ में आईएएस और आईपीएस के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि असफलता से हार नहीं माननी चाहिए और संघर्ष जारी रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक से अंग्रेजी को आसानी से सीखा जा सकता है और एक समय ऐसा भी आता है जब हमें अपनी मातृभाषा से सरल अंग्रेजी लगने लगती है। Post Views: 1,415 Please Share With Your Friends Also Post navigation सुनील कुमार यादव और श्रीमती सुष्मिता मुखर्जी शिक्षक सम्मान समारोह 2024 से सम्मानित हाथी प्रभावित ग्राम कोटमी के किसानों से मिले भाजपा नेता, विधायक अंबिकापुर राजेश अग्रवाल की पहल हर संभव मदद का आश्वासन