पप्पू जायसवाल / सूरजपुर, 02 जनवरी 2025: जिला सत्र न्यायालय सूरजपुर के न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, एफ.टी.एस.सी.) ने एक जघन्य अपराध के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला थाना रामानुजनगर क्षेत्र का है, जहां दो वर्ष पूर्व आरोपी ने रात्रिकाल का लाभ उठाकर नाबालिग पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने पीड़िता को गांव से थोड़ी दूर स्थित खेत में बने कुएं में फेंक दिया। घटना के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा-4 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। जांच के बाद न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की धारा 376(घ), 302, 201, 34 और पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक श्री नरेश कुमार कौशिक ने शासन की ओर से पैरवी की। आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की दोहरी सजा सुनाई। विधिक जागरूकता का प्रयास जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर के अध्यक्ष श्री गोविंद नारायण जांगड़े के निर्देशन में आमजन को विधिक जानकारी देने के लिए साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन शिविरों में बताया जाता है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ संबंध बनाना, भले ही वह उसकी पत्नी हो, पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध है। इसके अलावा, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की या 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी करना अथवा उसमें भाग लेना भी अपराध की श्रेणी में आता है। Post Views: 204 Please Share With Your Friends Also Post navigation उदयपुर में 7 जनवरी को भव्य श्री श्याम गुणगान का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती में की विभागीय समीक्षा बैठक