दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जिला अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना दुर्ग में महिला के पति और परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने शिकायत की है। दरअसल कैंप-1 में रहने वाली करिश्मा को प्रसव पीड़ा होने की वजह से 7 फरवरी को जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे एडमिट कर लिया, लेकिन प्रसव पीड़ा कम होने की वजह से दो दिन का इंतजार कराया गया। लगातार दर्द का इंजेक्शन देने के बाद 10 फरवरी की सुबह 3 बजे करिश्मा ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसी बीच नवजात गंभीर हो गया। जिसे आईसीयू में रखा गया। शिकायत के बाद बच्चे को घोषित किया मृतइधऱ् परिजन जब बच्चे को लेकर आईसीयू गए तब वहां के इंचार्ज ने बच्चे की हालत नाजूक बताई और यह बताया कि ज्यादा दबाव देने की वजह से बच्चे के सिर और सीने में चोट आई है। वही आधे घंटे बाद जब परिजन दवाई छोड़ने गए तो बच्चे के नही रहने की खबर किसी ने दी, लेकिन डॉक्टर उनसे झूठ बोलते रहे और बच्चे को वेंटिलेटर पर रख दिया। 10 फरवरी की सुबह जब परिजनों ने सिविल सर्जन आशीष मिंज से शिकायत की तो आनन फानन में आज सुबह साढ़े 8 बजे बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। पीड़िता ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोपकरिश्मा का आरोप है कि डिलवरी के दौरान एक डॉक्टर ने पेट के पास चढ़कर उसके पेट पर दबाव देकर पुश किया। जिसकी वजह से बच्चे को पेट के अंदर ही चोट आ गई। उसने बताया कि दर्द नहीं होने से उसने एक दिन पहले ही ऑपरेशन करने की बात कही थी, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। इधऱ् गुस्साए परिजन आज कोतवाली थाना पहुंचेऔर डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वही सीएस आशीष मिंज का कहना है कि उनके पास परिजन पहुंचे थे और उन्होने इस मामले की तह तक जाने जांच टीम गठित कर दी है। Post Views: 24 Please Share With Your Friends Also Post navigation कैबिनेट में बड़ा निर्णय : होली से पहले किसानों के खातों में एकमुश्त आएगी धान की अंतर राशि, देखें निर्णय राजधानी रायपुर में पुलिस कांस्टेबल चिट्टा बेचते गिरफ्तार, आरोपी के पास से 1 ग्राम हेरोइन बरामद, पुलिस ने भेजा जेल