CG: समग्र शिक्षा में EPF घोटाला, अफसर और लेखापाल ने कर्मचारियों के भविष्य निधि के लाखों रूपये में कर दिया खेला कोरबा:- जिले में समग्र शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार अधिकारियों ने अपने ही विभाग के संविदा कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए EPF की राशि में खेला कर दिया है। बताया जा रहा है कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से संविदा कर्मचारियों के 6 माह की EPF राशि 11 लाख 87 हजार रूपये जारी हुआ था, लेकिन विभाग के लेखापाल और अफसर ने उक्त फंड को कर्मचारियों के EPF खाते में जमा करने की जगह आकस्मिक कार्य बताकर आहरण कर लिया गया। लाखों रूपये के इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद, जहां विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं कलेक्टर ने इस मामले में जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही है। गौरतलब है कि कोरबा जिले में संचालित समग्र शिक्षा विभाग अपने कारनामों को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। ताजा मामला समग्र शिक्षा विभाग में पदस्थ संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ घोटाले से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा 23 सितंबर 2025 को कोरबा जिले के समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ 128 संविदा कर्मचारियों के लिए 6 माह का EPF का शासकीय अंशदान 11 लाख 87 हजार रुपये जारी किया था। यह राशि कर्मचारियों के EPF खातों में जमा किया जाना था। लेकिन EPF के इस लाखों रूपये के फंड पर अधिकारियों की बुरी नजर पड़ गयी। सूत्रों की माने तो कोरबा समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ लेखापाल टिकेश्वर तिवारी और तत्कालीन डीएमसी ने इस राशि को कर्मचारियों के EPF खातों में जमा करने के बजाय कंटीजेंसी के नाम पर आहरण कर लिया गया। जो सीधे तौर पर शासकीय निर्देशों और वित्तीय नियमों का उल्लंघन है। इस गंभीर अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद जहां समग्र शिक्षा विभाग में हड़कंप और कर्मचारियों में आक्रोश है। वहीं नवपदस्थ DMC इस घटना से सख्ते में है। बताया जा रहा है विभाग में हुए इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जहां नाराज कर्मचारी शिकायत करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी तरफ विभाग के चर्चित लेखापाल और पूर्व अधिकारी डैमेज कंट्रोल करने में लगे हुए है। लिहाजा EPF के लाखों रूपये के अनाधिकृत आहरण की भरपाई के लिए अधिकारी गुणा-गणित लगाने में जुटे हुए है। इस पूरे मामले में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत से जानकारी चाही गयी….तो उन्होने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की आर्थिक लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होने बताया कि मामले की जांच के बाद यदि ऐसी अनियमितता पायी जाती है, तो दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। Post Views: 20 Please Share With Your Friends Also Post navigation बंदर ने मां की गोद से छीनकर नवजात को कुएं में फेंका, फिर हुआ ये चमत्कार CG: EOW की बड़ी कार्रवाई, डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा गिरफ्तार