अब बच्चों की डिजिटल एंट्री पर ब्रेक! यहाँ 14 साल से कम उम्र वालों पर सोशल मीडिया बैन की तैयारी
ऑस्ट्रेलिया में बच्चों को सोशल मीडिया के खतरनाक प्रभावों से बचाने के लिए सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है, जहां प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने X पर घोषणा करते हुए साफ कहा है कि बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल की न्यूनतम आयु सीमा तय की जाएगी और 14 साल से कम उम्र के बच्चों पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर कानूनी बैन लगाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों को वर्चुअल दुनिया से निकालकर खेल के मैदान, स्विमिंग पूल और असली सामाजिक जीवन से जोड़ना है।
अल्बनीज ने कहा कि सोशल मीडिया समाज को नुकसान पहुंचा रहा है और रिसर्च साबित कर चुकी है कि यह नशे की तरह बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले लेता है, जिससे अवसाद, चिंता, नींद की समस्या और साइबर बुलिंग जैसे खतरे बढ़ते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर के अंत तक सोशल मीडिया के लिए आयु सीमा तय कर ली जाएगी, जो 14 या 16 वर्ष हो सकती है और इस कानून के 2026 के अंत तक लागू होने की उम्मीद है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सोशल मीडिया की तुलना सिगरेट और शराब से करते हुए कहा कि जैसे इन पर बच्चों के लिए रोक है, वैसे ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी नियंत्रण जरूरी है। दुनियाभर के डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक भी मानते हैं कि मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
इससे पहले स्वीडन, फ्रांस और यूरोप के कई देशों में बच्चों के स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया एक्सेस पर नियम लागू किए जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो, बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स जैसे दिग्गज भी अपने बच्चों को कम उम्र में फोन और गैजेट्स देने के खिलाफ रहे हैं, उनका मानना है कि तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है लेकिन उसकी लत बच्चों की रचनात्मकता और क्षमता को खत्म कर देती है।
भारत समेत दुनिया भर में छोटे बच्चों को बहलाने के लिए फोन देना आम होता जा रहा है, जिसका असर उनकी सोचने-समझने की शक्ति पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता बच्चों को खेल, किताबें, आर्ट-क्राफ्ट और विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों की ओर मोड़कर सोशल मीडिया से दूर रख सकते हैं।