CG ब्रेकिंग: फरार कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र उर्फ रूबी तोमर गिरफ्तार, कई महीनों से था फरार…

रायपुर। राजधानी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सूदखोरी और अपराध की दुनिया में सक्रिय कुख्यात आरोपी वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी तोमर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया। क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मारपीट, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, सूदखोरी सहित कई संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं। वहीं उसका छोटा भाई रोहित तोमर अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

व्यापारी की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

मामला तब सामने आया जब तेलीबांधा थाना में एक स्थानीय व्यापारी ने वीरेंद्र और रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट, धमकाने और जबरन पैसे वसूलने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। शिकायत के बाद से दोनों भाई 2 जून से फरार चल रहे थे। लगातार दबिश के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचते रहे।

सूत्रों के मुताबिक आरोपी अक्सर सूद पर पैसे देता था और ऋण लेने वालों से गुंडागर्दी कर ब्याज की वसूली करता था। कई पीड़ितों ने इससे पहले भी अनौपचारिक रूप से पुलिस को शिकायत की थी, लेकिन यह मामला दर्ज होने के बाद से दोनों भाइयों पर शिकंजा कसना शुरू हुआ।

कानूनी दांव-पेंच अपनाने के बावजूद गिरफ्तारी तय

जांच आगे बढ़ने पर दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया। उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, लेकिन हाल ही में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इससे दोनों के पास फरार रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।जमानत याचिका खारिज होते ही रायपुर पुलिस ने आरोपियों की तलाश और तेज कर दी। इसी दौरान पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि वीरेंद्र तोमर ग्वालियर में छिपा है। सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित कर क्राइम ब्रांच को ग्वालियर भेजा गया।

काल लोकेशन से लगा सुराग, रिश्तेदार के घर से दबोचा

पुलिस ने तकनीकी निगरानी की मदद ली और वीरेंद्र की कॉल लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन की पुष्टि के बाद ग्वालियर में घेराबंदी की गई। सूत्रों के अनुसार, आरोपी अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।फरारी के दौरान वह उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में भी ठिकाना बदलता रहा। लेकिन जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसे गिरफ्तारी का डर सताने लगा और वह ग्वालियर भाग गया।

घोषित था इनाम

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने पहले ही 5-5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। वीरेंद्र की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि अब पुलिस के सामने अगली चुनौती उसके भाई रोहित तोमर को पकड़ने की है।

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By Chhattisgarh Kranti

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