राज्य में अब नहीं मिलेगी …. इस ब्रांड की बीयर …. रजिट्रेशन और बिक्री के नहीं मिली इजाजत, जानें क्या है वजह

देहरादून : उत्तराखंड आबकारी विभाग ने नए लॉन्च किए गए ‘त्रिकाल’ व्हिस्की ब्रांड को लेकर स्पष्ट किया है कि इसकी बिक्री या निर्माण के लिए राज्य सरकार ने कोई अनुमति नहीं दी है। विभाग ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस व्हिस्की को उत्तराखंड से जोड़कर फैलाई जा रही जानकारी “भ्रामक और असत्य” है।

आबकारी आयुक्त हरिचंद्र सेमवाल ने बताया, “इस व्हिस्की को न तो राज्य में बनाने की अनुमति दी गई है, न ही इसे बेचने के लिए पंजीकृत किया गया है।” अधिकारियों ने कहा कि ‘त्रिकाल’ नाम राज्य के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। विभाग ने गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की है। सेमवाल ने कहा कि विभाग जनहित, प्रशासनिक व्यवस्था और राज्य के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

विश्व हिन्दू परिषद् ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

भारत में निर्मित विदेशी शराब बनाने वाली कंपनी रेडिको खेतान द्वारा अपने भारतीय सिंगल माल्ट का नाम ‘त्रिकाल’ रखे जाने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि न केवल हमारे देश में बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में हिंदू देवी-देवताओं, उनके प्रतीकों और हमारी आस्था के केंद्रों की छवियों को कभी चप्पलों पर, कभी जूतों पर, कभी बिकनी पर तो कभी कपड़ों पर अपमानजनक तरीके से प्रदर्शित किया जा रहा है।

यह अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और पूरी तरह से अपमानजनक है। हालांकि मैं भारत के बाहर के लोगों की मानसिकता को समझ सकता हूं, लेकिन अगर भारत में ऐसा कोई ब्रांड लॉन्च किया जा रहा है और उसका नाम हमारी आध्यात्मिक परंपराओं और आस्था के केंद्रों से जुड़ा है, तो मेरा मानना ​​है कि निर्माता, प्रमोटर और मार्केटर्स को उचित सावधानी बरतनी चाहिए।”

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By Chhattisgarh Kranti

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