तेज रफ्तार ट्रेलर ने 19 गायों को रौंदा, बिखरे थे शव, खून से लाल हो गयी सड़क जांजगीर चांपा। हमने तो सुना था तरक्की के बाद पता बदलता है लेकिन यहां मरने के बाद ठिकाना बदलता है पहले भूख से मरे अब ट्रेलर से कुचले गए गायों की किस्मत नहीं बदली बस मौत का पता बदल गया। जांजगीर-चांपा के अमरताल गांव के पास एक ट्रेलर ने 19 गायों को रौंद दिया। लाशें सड़क पर बिखरी रहीं, खून और मिट्टी में लथपथ। लेकिन इस घटना के 18 घंटे बाद भी किसी जनप्रतिनिधि ने न तो वहां पहुंचने की जहमत उठाई, न ही सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करने की औपचारिकता निभाई। ‘जांजगीर चांपा’ कभी कहा जाता था कि छत्तीसगढ़ की पहचान ‘गाय, गांव और किसान’ से है। मवेशियों का संवरक्षण, उनके चारे-पानी की व्यवस्था और सुरक्षित जीवन, हर राजनीतिक दल की जुबान पर था। लेकिन बीते कुछ सालों में गायों की किस्मत बदली नहीं, बस उनका मरने का पता और तरीका बदल गया है। वो दौर… जब गौठान चर्चा में थे जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बीजेपी विपक्ष में बैठकर गौठानों की हालत पर लगातार सवाल उठाती रही। दूर-दराज़ के इलाकों में जाकर दूरबीन से गौठानों का निरीक्षण करना, गायों की हड्डियां गिनना और चारे की थैलियों का हिसाब मांगना, उस दौर की राजनीतिक दिनचर्या थी। तब तस्वीरें वायरल होती थीं—एक बाड़े में कमजोर, भूख से लड़खड़ाती गायें, बासी पानी से भरे टांके, और बगल में खड़े नेता, कैमरों के सामने गुस्से में भरी बातें करते हुए। आज… सड़क पर बिखरा दर्द लेकिन अब जब बीजेपी सत्ता में है, तस्वीर बदल गई है। गौठानों की जगह अब सड़कें चर्चा में हैं। मवेशी आज भी मर रहे हैं, पर कारण भूख नहीं, बल्कि तेज रफ्तार ट्रेलरों के पहिए हैं। हाल ही में जांजगीर-चांपा के अमरताल गांव के पास एक ट्रेलर ने 19 गायों को रौंद दिया। लाशें सड़क पर बिखरी रहीं, खून और मिट्टी में लथपथ। लेकिन इस घटना के 18 घंटे बाद भी किसी जनप्रतिनिधि ने न तो वहां पहुंचने की जहमत उठाई, न ही सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करने की औपचारिकता निभाई। सत्ताधारी पार्टी विटामिन-ई वाली आंखें विपक्ष में रहते हुए दूरबीन लेकर गाय खोजने वाले नेता अब मानो ‘विटामिन-ई’ खाकर ऐसे आंखों वाले हो गए हैं, जिन्हें हादसे दिखाई ही नहीं देते। सवाल उठता है—क्या सत्ता में आने के बाद संवेदनाएं भी बदल जाती हैं? कांग्रेस की चुप्पी भी कटघरे में कांग्रेस भी अपने पुराने रवैये से उबर नहीं पाई। आज भी वो गौठान बंद करने के मुद्दे पर सड़क जाम करने को तैयार है, लेकिन 19 गायों की सड़क पर दर्दनाक मौत होने के 18 घंटे बाद भी कोई नेता वहां नहीं पहुंचे। Post Views: 143 Please Share With Your Friends Also Post navigation शबरी पुल में दर्दनाक हादसा ! अनियंत्रित बाइक गिरने से युवक की दर्दनाक मौत… जांजगीर चांपा में नवविवाहिता की हादसे में मौत:पिता बोले- मर्डर को हादसा बताया जा रहा, 1 साल पहले हुई थी लव मैरिज…