रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष ने धान खरीदी और केंद्रीय पूल में पूरा चावल नहीं लेने पर स्थगन प्रस्ताव लाया। विपक्ष इसपर चर्चा करना चाहता था। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव नामंजूर किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया और गर्भगृह तक पहुंच गए। तब कांग्रेस के 29 विधायकों को अध्यक्ष ने निलंबित कर दिया और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। धान का मामला उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा- प्रदेश सरकार ने धान 149 लाख मीट्रिक टन खरीदा है। लेकिन 40 लाख मीट्रिक टन धान बाजार में नीलाम करने का निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि, इससे पहले धान को नीलाम करने की जरूरत नहीं पड़ी थी। श्री महंत ने कहा कि, पंजाब में डबल इंजन की सरकार नहीं है बावजूद उनके सारे चावल ले रहे हैं। बाजार में धान नीलाम करने से 8 हजार करोड़ का घाटा हो रहा है, यह उचित नहीं है। स्थगन नामंजूर होने पर मचा हंगामावहीं इस मसले पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- 40 लाख मीट्रिक टन धान खुले में बेचने का निर्णय लिया गया है, केंद्रीय पूल में चावल जमा नहीं हो रहा है यह दुर्भाग्य है। उनहोंने विधानसभा अध्यक्ष से विपक्ष का इस पर स्थगन प्रस्ताव मंजूर कर चर्चा कराने की मांग की। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया। सभी विपक्षी विधायक विरोध करते हुए गर्भ गृह तक पहुंच गए। विधानसभा अध्यक्ष ने गर्भगृह में प्रवेश और प्रदर्शन पर विपक्ष के 29 विधायकों को निलंबित कर दिया। साथ ही सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। Post Views: 188 Please Share With Your Friends Also Post navigation नगर निगम की पुरानी इमारत में लगी आग, मची अफरातफरी.. छत्तीसगढ़ में ED की टीम पर हमला, भूपेश बघेल के घर से निकलते ही कांग्रेस समर्थकों ने किया अटैक