छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ का दो दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन रायगढ़ में भव्य रूप से संपन्न

राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित पर हुआ व्यापक मंथन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी रहे मुख्य अतिथि

अंबिकापुर (सरगुजा)। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा अपने चार पुरुषार्थ—राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित—की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का भव्य एवं गरिमामय समापन रायगढ़ में संपन्न हुआ। नगर निगम रायगढ़ के ऑडिटोरियम में 3 एवं 4 जनवरी को आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा, समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

समापन समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस वैचारिक कुंभ में प्रदेश के 33 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, कबीरधाम सहित छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के अंचलों से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

अंबिकापुर (सरगुजा) जिले से जिला सह संगठन मंत्री बसंत जायसवाल के मार्गदर्शन एवं जिलाध्यक्ष सी.पी. सोनी के नेतृत्व में जिला सचिव दउवा दास, रोबेन्तुस टोप्पो, जिला उपाध्यक्ष ए.एफ. तिर्की, जिला कोषाध्यक्ष विश्वास तिवारी, एम. एक्का, शिव प्रसाद पैकरा, पारसनाथ सिंह सहित ब्लॉक स्तर से रामलाल सिंह, अमरनाथ महंत, शांतिएल बड़ा, प्रतिक राज देवांगन, विनोद त्रिपाठी, संतोष शर्मा, साजिंदर सिंह, सत्य प्रकाश सिन्हा, राजेश गुप्ता, उमेश मिश्रा, सुखन तिर्की, ब्रम्हा सिंह सहित कुल 49 प्रतिनिधियों एवं महासभा सदस्यों ने सम्मेलन में सहभागिता दी।

प्रथम दिवस के खुले मंच कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के 22 जिलाध्यक्षों ने प्रांत के लिए सुझावात्मक मांगें प्रस्तुत कीं। इसी क्रम में सरगुजा जिलाध्यक्ष सी.पी. सोनी ने जिले की ओर से 9 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें शिक्षक एलबी संवर्ग की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से कर पदोन्नति एवं पेंशन लाभ देने, तथा सहायक शिक्षक से ग्रंथपाल पद पर पदोन्नत/संविलियन शिक्षकों के पदों का राजपत्र में प्रकाशन कर उचित हितलाभ देने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।

प्रथम दिवस 3 जनवरी को “राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका” विषय पर नारायण नामदेव (सह प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, छत्तीसगढ़ प्रांत), “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” विषय पर आलोक शर्मा (सेवानिवृत्त प्राध्यापक) एवं बी. रघु (उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल), तथा “समाज एवं राष्ट्र निर्माण में पंच परिवर्तन” विषय पर गोपाल यादव (सह प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, छत्तीसगढ़) ने सारगर्भित उद्बोधन दिया।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता शिक्षक की सोच, संस्कार एवं नवाचार पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है। उन्होंने रायगढ़ में शिक्षक सदन की मांग पर विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह ने छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ की ओर से 9 सूत्रीय मांगपत्र मुख्य अतिथि को सौंपा, जिस पर वित्त मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।इस अवसर पर महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षित ही नहीं करते, बल्कि उन्हें जीवन के संघर्षों से जूझने योग्य बनाते हैं। रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू एवं अरुण धवन ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

प्रमुख प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह के मार्गदर्शन में, प्रांत अध्यक्ष संजय ठाकुर, उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय, उपाध्यक्ष डॉ. अशोक गुप्ता, टेकराम सेन, सतीश तिवारी, मंत्री शैलेंद्र भदोरिया, भुवनेश्वर देवांगन, संभागीय अध्यक्ष भुवन सिन्हा, रामनारायण मिश्र, तरुण राठौर, जिला अध्यक्ष विपिन पाठक, संजीव कुमार, टिकेश्वर ठाकुर, मानसिंह राठिया एवं निर्मल शार्दुल की उपस्थिति में यह भव्य सम्मेलन संपन्न हुआ।कार्यक्रम की सफल मेजबानी कर रहे रायगढ़ जिला अध्यक्ष भाई आशीष रंगारी एवं उनकी पूरी टीम को सरगुजा जिलाध्यक्ष सी.पी. सोनी ने अपने जिले की ओर से बधाई एवं आभार व्यक्त किया।

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