कूरियर से भेजी जा रही थी चरस की खेप, पुलिस ने बेनकाब किया नशा तस्करी का नेटवर्क
कुल्लू:- हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के तरीके लगातार बदलते जा रहे हैं. अब तस्कर पहाड़ी इलाकों से चरस को कूरियर पार्सल के जरिए देश के बड़े शहरों तक भेज रहे हैं. चरस तस्करी का गढ़ कहे जाने वाले कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी से महाराष्ट्र के पुणे तक चल रहे एक संगठित चरस तस्करी नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस मामले में मणिकर्ण पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है.
कसोल से पुणे तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह चरस तस्करी नेटवर्क कसोल से शुरू होकर पुणे तक फैला हुआ था. आरोपी कूरियर कंपनियों का इस्तेमाल कर नशे की खेप भेज रहे थे, ताकि शक न हो. तस्करों ने पार्सल के जरिए चरस भेजने का नया तरीका अपनाया था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया. कुल्लू पुलिस के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को जरी चौकी क्षेत्र में एक कूरियर पार्सल में चरस होने की सूचना मिली थी. कूरियर कंपनी से जुड़े विशाल नामक व्यक्ति ने हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी कि पार्सल में नशीला पदार्थ हो सकता है. मौके पर पहुंची पुलिस ने पार्सल की जांच की, जिसमें 151 ग्राम चरस बरामद की गई.
कसोल से उठाया गया था पार्सल
जांच के दौरान कूरियर कर्मचारी शमशेर ने पुलिस को बताया कि यह पार्सल कसोल स्थित रेखा बेकर्स से उठाया गया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए गहन जांच शुरू की और तस्करी नेटवर्क के बारे में अहम सुराग जुटाए.
पुणे से महिला आरोपी गिरफ्तार
जांच के आधार पर थाना मणिकर्ण पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से 28 वर्षीय महिला कंचन खटरेला को गिरफ्तार किया. आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि महिला की भूमिका तस्करी नेटवर्क में संदिग्ध पाई गई है. कुल्लू पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और नशे की खेप कहां-कहां भेजी जा रही थी.