नई दिल्ली। साल 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण रविवार 21 सितंबर 2025 को सर्व पितृ अमावस्या के दिन लगेगा। यह खगोलीय घटना ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखती है। ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 24 मिनट की रहेगी। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, फिर भी इसका ज्योतिषीय प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। ग्रहण का समय भारतीय समयानुसार 21 सितंबर 2025 रात 10:59 बजे से आरंभ होकर 22 सितंबर 2025 तड़के सुबह 3:23 बजे तक समाप्ति का रहेगा। यह सूर्य ग्रहण की अवधि 4 घंटे 24 मिनट तह रहेगा। यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत और अधिकांश एशियाई देशों में यह अदृश्य रहेगा क्योंकि भारत में यह समय रात्रि का होगा। चूँकि सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी जिन लोगों की राशियाँ प्रभावित हो रही हैं उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। सर्व पितृ अमावस्या के दिन लगने के कारण यह ग्रहण पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म के दृष्टिकोण से विशेष माना जा रहा है। बता दें की ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। लेकिन कुछ राशियाँ हैं जिन्हें विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है जिसमे कन्या राशि वालों को मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। धनु राशि के जातकों को यात्रा में बाधा या खर्च अधिक हो सकता है। मीन राशि वालों को भावनात्मक असंतुलन और निर्णयों में चूक संभव है। वही मेष, सिंह और धनु के जातकों को आत्मसंयम और धैर्य बनाए रखना होगा। ग्रहण के समय भोजन, स्नान और शुभ कार्यों से बचें। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ध्यान, मंत्र जाप, और दान-पुण्य करना लाभकारी रहेगा। प्रभावित राशि वाले लोग इस दिन मानसिक शांति बनाए रखें और विवादों से दूर रहें। Post Views: 84 Please Share With Your Friends Also Post navigation Maa Vande : PM मोदी की बायोपिक का ऐलान, अभिनेता उन्नी मुकुंदन पर्दे पर बनेंगे प्रधानमंत्री…. GST में कटौती: नवरात्र में कार खरीदना हुआ आसान…