नई दिल्ली। गूगल ने अपने फोटो ऐप (Google Photos) के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जो भारतीय यूजर्स के लिए फोटो एडिटिंग का अनुभव पूरी तरह बदल देगा। कंपनी का नया AI मॉडल ‘नैनो बनाना’ (Nano Banana) अब यूजर्स को उनकी मातृभाषा में निर्देश देकर मुश्किल एडिटिंग करने की सुविधा दे रहा है। इसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली और गुजराती जैसी प्रमुख भारतीय भाषाएं शामिल की गई हैं। एडवांस्ड एडिटिंग अब और भी आसान: क्या है नैनो बनाना? सीन रिक्रिएशन: पुरानी या धुंधली तस्वीरों को फिर से नया जैसा बनाया जा सकता है। ऑब्जेक्ट एडिशन: फोटो में अपनी पसंद के अनुसार नए फर्नीचर, पालतू जानवर या लोगों को जोड़ा जा सकता है। कंपोजीशन सुधार: अगर फोटो का फ्रेम सही नहीं है, तो AI उसे प्रोफेशनल लुक देने के लिए खुद एडजस्ट कर देगा। पारदर्शिता के लिए C2PA कंटेंट क्रेडेंशियलAI द्वारा एडिट की गई तस्वीरों के बढ़ते चलन को देखते हुए गूगल ने सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी जोर दिया है। अब गूगल फोटोज में C2PA कंटेंट क्रेडेंशियल जोड़ा जा रहा है। इसका मतलब है कि अगर कोई फोटो AI की मदद से बदली गई है, तो उसका एक डिजिटल लेबल दिखाई देगा। इससे यह पता चल सकेगा कि फोटो कब और कैसे एडिट की गई है, जिससे फर्जी या भ्रामक तस्वीरों पर लगाम कसी जा सकेगी। आम यूजर्स पर क्या होगा इसका असर?अभी तक प्रोफेशनल फोटो एडिटिंग के लिए भारी-भरकम सॉफ्टवेयर और अंग्रेजी भाषा की जानकारी जरूरी होती थी। गूगल के इस कदम से छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के यूजर्स भी अपनी भाषा में फोन का इस्तेमाल कर हाई-क्वालिटी कंटेंट बना सकेंगे। गूगल ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर आने वाले हफ्तों में सभी एंड्रॉयड और iOS यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा। यूजर्स को बस अपना ऐप अपडेट करना होगा और वे सेटिंग्स में जाकर अपनी पसंदीदा भाषा का चुनाव कर सकेंगे। Post Views: 13 Please Share With Your Friends Also Post navigation फ्लिपकार्ट पर ₹13,500 की छूट का क्या है सच? खरीदारी से पहले जानें हकीकत