शराब प्रेमियों को बजट से झटका! शराब हुई महंगी.. देखें बजट 2026 में सस्ती-महंगी चीजों की पूरी लिस्ट नई दिल्ली: केंद्रीय बजट में आम जनता को एक तरफ जहां कई जरूरी वस्तुओं में महंगाई से राहत मिली है वहीं कुछ चीजें महंगी भी हो गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कस्टम ड्यूटी और टैक्स में बदलाव करते हुए कई बड़े ऐलान किए जिनका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा। बजट के अनुसार अब जूते और EV बैटरी सस्ती होंगी, जबकि शराब और खनिज (मिनरल्स) महंगे हो गए हैं। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और जरूरी सेक्टरों में लागत कम करना है। क्या सस्ता- क्या महंगा (बजट 2026) क्या सस्ता हुआक्या महंगा हुआजूतेशराबEV बैटरीखनिज (मिनरल्स)लेदर और कपड़ास्क्रैपमाइक्रोवेव ओवनसोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएंएयरक्राफ्ट निर्माण सामग्रीबायोगैस मिश्रित CNGचमड़े और कपड़े का निर्यातकैंसर की 17 दवाएं7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएंमेडिकल डिवाइस (कस्टम ड्यूटी घटी) महंगाई पर काबू की कोशिश बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कई मामलों में महंगाई से राहत देने की कोशिश की है। बीड़ी, माइक्रोवेव और सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता करने का उद्देश्य आम आदमी पर खर्च का बोझ कम करना है। कुल मिलाकर बजट 2026 में सरकार ने जहां स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए राहत दी है, वहीं शराब और खनिज जैसे सेक्टरों पर सख्ती दिखाई है। अब इन फैसलों का असर आने वाले दिनों में बाजार और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देगा। बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं मालगाड़ी के लिए नया कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। इंफ्रा पर बड़ा खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) तय किया गया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले। टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। दवाइयों के क्षेत्र में ‘शक्ति’: 10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे। चिप मैन्युफैक्चरिंग: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इन 6 बड़े क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग: नए और जरूरी क्षेत्रों में उत्पादन की क्षमता बढ़ाना। पुराने उद्योग: पुराने पड़ चुके औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा जीवित करना। छोटे उद्योग (MSME): छोटे और मध्यम उद्योगों को ग्लोबल चैंपियन बनाना। इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को जबरदस्त मजबूती देना। सुरक्षा और स्थिरता: देश में लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना। शहरों का विकास: शहरों को व्यापार और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना। बजट के 3 मुख्य विज रफ्तार: प्रॉडक्टिविटी बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना। क्षमता: लोगों की काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें। सबका साथ: हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके हों। अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड आत्मनिर्भरता: भारत ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है, जिससे विदेशों से सामान मंगाने की निर्भरता कम हुई है। ग्रोथ रेट: पिछले सुधारों की वजह से भारत 7% की विकास दर हासिल कर रहा है, जिससे गरीबी कम करने में मदद मिली है 12 साल का सफर: वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई काबू में है। वैश्विक चुनौतियां: दुनिया में ट्रेड और सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन भारत ‘विकसित भारत’ की ओर कदम बढ़ाता रहेगा। 1 अप्रैल से इनकम टैक्स एक्ट 2025 होगा लागू इनकम टैक्स एक्ट 2025, एक अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगे। नए नियम और फॉर्म्स जल्द ही जारी किए जाएंगे। फॉर्म्स को इस तरह से बनाया गया है कि एक आम नागरिक बगैर परेशानियों के लिए नियमों का पालन कर सकेगा। Post Views: 105 Please Share With Your Friends Also Post navigation निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, संसद भवन में कैबिनेट बैठक, पीएम मोदी भी मौजूद कंटेंट क्रिएटर्स को बड़ी सौगात, 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में खुलेंगी क्रिएटर लैब्स