नई दिल्ली। सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न की जब भी बात आती है, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी आम भारतीय निवेशक की पहली पसंद है. इसी भरोसे को कायम रखते हुए, देश के अग्रणी निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को एक बड़ी राहत दी है. बैंक ने एक विशेष अवधि की एफडी पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई ब्याज दरें 6 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं. यह बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की खुदरा जमा राशि पर प्रभावी होगा. पिछले साल दिसंबर 2025 में बैंक द्वारा की गई दरों की कटौती के बाद, इस फैसले से निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।

किस खास अवधि पर मेहरबान हुआ बैंक?

एचडीएफसी बैंक ने सभी एफडी की दरों में एकमुश्त बदलाव नहीं किया है, बल्कि एक निश्चित समयावधि को चुनकर उस पर रिटर्न बढ़ाया है. बैंक की नई घोषणा के तहत, 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरों में 10 बेसिस प्वाइंट यानी 0.10 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।

पहले इस विशेष अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों को 6.40 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) को हमेशा की तरह इस बार भी अतिरिक्त लाभ मिल रहा है. उनके लिए ब्याज दर 6.90 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 7 प्रतिशत कर दी गई है।

अन्य अवधियों के लिए क्या हैं मौजूदा दरें?

इस बदलाव के साथ ही एचडीएफसी बैंक की समग्र ब्याज दरें अब सामान्य ग्राहकों के लिए 2.75% से लेकर 6.50% तक हो गई हैं. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दायरा 3.25% से 7% तक है. ये दरें 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अलग-अलग अवधि के लिए उपलब्ध हैं. छोटी अवधि की बात करें, तो 7 से 29 दिन की एफडी पर आम ग्राहकों को 2.75% और बुजुर्गों को 3.25% रिटर्न मिल रहा है. 6 से 9 महीने की एफडी पर यह दर क्रमशः 5.50% और 6% है. एक साल की अवधि के लिए सामान्य नागरिकों को करीब 6.25% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.75% ब्याज की पेशकश की जा रही है. अगर आप 18 महीने से 2 साल तक निवेश करते हैं, तो आम जनता को लगभग 6.45% और बुजुर्गों को 6.95% रिटर्न मिलेगा. वहीं, 5 से 10 साल की लंबी अवधि के लिए यह दर सामान्य वर्ग के लिए 6.15% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.65% निर्धारित है।

निवेश से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल

शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश का एक बेहद सुरक्षित और जोखिम-मुक्त जरिया माना जाता है. हालांकि, अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करने से पहले एक जागरूक निवेशक की तरह काम करना जरूरी है. निवेश से पहले हमेशा अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें. इसके साथ ही, अपनी आर्थिक जरूरतों और भविष्य के लक्ष्यों का आकलन करने के बाद ही एफडी की अवधि का चुनाव करें. सही समय पर सही अवधि का चुनाव ही आपको अधिकतम मुनाफा दे सकता है।

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By Chhattisgarh Kranti

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