CG: पूल से लेकर न्यूड पार्टी तक.. रायपुर में खूब फल-फूल रही ये 5 सीक्रेट पार्टियां! आधी रात क्लबों में जाम छलकाते दिखते हैं युवक-युवतियां

रायपुर :- रायपुर की विधानसभा थाना पुलिस ने देर एक फॉर्म हाउस में दबिश देकर 21 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सभी रेव पार्टी करते पकड़े गए हैं। रायपुर में इन सब पार्टियों के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आपको 5 ऐसी पार्टियों की सच्चाई बताएंगे, जो पिछले 10 साल से रायपुर की रातों में पल रही हैं। कॉलेज स्टूडेंट्स, हाई-फाई यंगस्टर्स, और सोशल मीडिया से चुने गए टारगेट्स ड्रग्स, जिस्मफरोशी और ब्लैकमेलिंग तक में लिप्त हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, जहां एक ओर संस्कृति और सभ्यता की पहचान है, वहीं दूसरी ओर शहर की रातें एक अलग ही दुनिया जी रही हैं। फार्म हाउस, क्लब, बार और होटलों में बीते करीब दस साल से ऐसी पार्टियां चल रही हैं, जिनके बारे में प्रदेश की करीब 95 फीसदी जनता अनजान है।

सूत्रों के अनुसार, रायपुर में पांच तरह की पार्टियों का एक समानांतर नेटवर्क सक्रिय है। इन पार्टियों की शुरुआत पूल पार्टी और रेन डांस से होती है। कॉलेज के लड़के-लड़कियां फार्म हाउस या वाटर पार्क के पूल किनारे तेज म्यूजिक, पानी और शराब के बीच मस्ती करते हैं। एंट्री फीस 500 रुपये से शुरू होती है, जबकि ड्रिंक और डिनर फ्री होने पर खर्च 3000 रुपये तक पहुंच जाता है। यहां अश्लीलता कम होती है, लेकिन यही वह पहला पड़ाव है, जहां से आगे की सीढ़ियां शुरू होती हैं।

इसके बाद सैटरडे नाइट पार्टियों का दौर आता है। क्लब, पब और लाउंज में तेज म्यूजिक, महंगी ड्रिंक्स और दिखावटी माहौल के बीच स्टैग एंट्री 3 से 7 हजार रुपये तक रखी जाती है, जबकि कपल एंट्री सस्ती होती है। बताया जाता है कि क्लब संचालक पार्टी गर्ल्स को हायर करते हैं, जिनका काम लड़कों को ज्यादा ड्रिंक के लिए उकसाना और बिल बढ़वाना होता है।

रेव पार्टी, नशे की रात, ड्रग्स की खामोशी

सबसे खतरनाक मानी जाती हैं रेव पार्टियां। शहर से बाहर फार्म हाउस या होटलों के सुइट में रात 12 बजे के बाद ये पार्टियां शुरू होती हैं, जहां सिर्फ शराब ही नहीं बल्कि MDMA, चरस, गांजा और हेरोइन जैसे नशे भी आसानी से उपलब्ध रहते हैं। यहां कोई एंट्री टिकट नहीं, बल्कि ड्रग्स खरीदना ही पास माना जाता है।

ऑफ्टर पार्टी, देह व्यापार का नया रूप

इसके बाद ऑफ्टर पार्टी का दौर शुरू होता है, जहां “पिकअप योर गर्ल एंड गो टू द रूम” ही नियम बताया जाता है। बातचीत से सौदा और फिर जिस्म तक पहुंचने की बातें सामने आती हैं। शराब की बोतलों के बीच खुलेआम देह व्यापार का खेल आधुनिकता की आड़ में चलता है।

कैसे होता है इंतजाम? कौन हैं पीछे

इन पार्टियों की स्क्रिप्ट रायपुर में नहीं लिखी जाती, बल्कि इसके पीछे हैं दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर के वो ग्रुप्स जो इवेंट के नाम पर नशे और देह की मंडियां सजाते हैं। इनके स्थानीय एजेंट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की लाइफस्टाइल और आर्थिक स्थिति देखकर उन्हें इन्वाइट करते हैं, फिर धीरे-धीरे लत और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाया जाता है। पार्टी मनाना गलत नहीं, लेकिन नशे और नंगई के इस दलदल में उतरना भविष्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

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By Chhattisgarh Kranti

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