सूरजपुर। सूरजपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रामानुजगर क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक शाला नर्मदापारा में पदस्थ हेडमास्टर निरंजन कुशवाहा पर आरोप है कि वह नशे की हालत में स्कूल पहुंचे और बच्चों को पढ़ाने के बजाय अपने केबिन में जमीन पर सोते पाए गए।

शराबी हेडमास्टर की सूचना पर जब स्थानीय लोग स्कूल पहुंचे, तो  बच्चे बिना शिक्षक के स्वयं पढ़ाई करते दिखे, जबकि स्कूल की जिम्मेदारी संभालने वाले हेडमास्टर अपने केबिन में नशे की हालत में फर्श पर सोते मिले। हेडमास्टर घबराकर उठे और लड़खड़ाते कदमों के साथ कक्षा की ओर बढ़े। हेडमास्टर न तो जिले के कलेक्टर का नाम बता पाए और न ही अपने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) का नाम उन्हें याद था। इस दौरान उनकी बातें भी स्पष्ट नहीं थीं, जिससे नशे की पुष्टि और मजबूत हो गई।

मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की अध्यक्षता में एक जांच टीम तत्काल स्कूल पहुंची। जांच के दौरान हेडमास्टर ने स्वयं यह स्वीकार किया कि वह “कभी-कभी थोड़ा पी लेते हैं।” जांच टीम ने स्कूल में पदस्थ अन्य शिक्षकों, छात्रों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने एक सुर में आरोप लगाया कि हेडमास्टर अक्सर नशे की हालत में ही स्कूल आते हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते। अभिभावकों ने जांच टीम के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए हेडमास्टर के खिलाफ लिखित शिकायत भी सौंपी। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और स्कूल का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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By Chhattisgarh Kranti

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