नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में गैस सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच रहे हैं और डिलीवरी में काफी देरी हो रही है। इस परेशानी के बीच एक और गंभीर समस्या उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। कुछ लोग शिकायत कर रहे हैं कि सिलेंडर लेते समय उनसे तय मूल्य से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं या फिर बिना डिलीवरी दिए ही ऑनलाइन सिस्टम में सिलेंडर को डिलीवर दिखा दिया जाता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता असमंजस में पड़ जाते हैं कि अब क्या करें और शिकायत कहां दर्ज कराएं। सबसे पहले गैस एजेंसी से संपर्क करें सबसे पहले आपको अपनी गैस एजेंसी से सीधे संपर्क करना चाहिए। अक्सर छोटी-मोटी समस्याएं एजेंसी स्तर पर ही तुरंत सुलझ जाती हैं। अगर वहां से समाधान नहीं मिलता, तो संबंधित गैस कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका ऑनलाइन शिकायत करना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत आसानी से दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कस्टमर केयर सेक्शन में अपनी समस्या दर्ज कराएं। कस्टमर केयर हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें अगर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध न हो तो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें। इंडेन और एचपी गैस के लिए 1800-233-3555 तथा भारत गैस के लिए 1800-22-4344 पर संपर्क किया जा सकता है। कॉल करते समय अपना कंज्यूमर आईडी, बुकिंग नंबर और समस्या की पूरी डिटेल जरूर बताएं। शिकायत दर्ज करते समय कंज्यूमर आईडी, बुकिंग नंबर, समस्या का पूरा विवरण, संबंधित SMS, बिल या स्क्रीनशॉट की जानकारी रखें। ये दस्तावेज समाधान प्रक्रिया को तेज करते हैं। अतिरिक्त पैसे वसूली पूरी तरह गलत है ध्यान रखें कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत सरकार और तेल कंपनियों द्वारा तय की जाती है, जिसमें डिलीवरी चार्ज भी शामिल होता है। डिलीवरी बॉय या एजेंसी अगर तय मूल्य से अधिक पैसे मांगती है तो यह अवैध है। ऐसी किसी भी अतिरिक्त वसूली या फर्जी डिलीवरी की स्थिति में तुरंत शिकायत करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज करने से न सिर्फ आपकी समस्या का समाधान होता है, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं को भी ऐसी परेशानियों से बचाया जा सकता है। सही जानकारी और सही माध्यम से शिकायत करना आपका अधिकार है। Post Views: 19 Please Share With Your Friends Also Post navigation धर्म बदलते ही खत्म हो जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला