CG Politics : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलवाद के खात्मे और सरेंडर पर उठाये सवाल रायपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के खात्मे की तय की गई डेडलाइन पर सवाल उठाये थे। उन्होंने दावा किया था कि, नक्सलवाद 2026 तक ख़त्म नहीं होगा। वही भूपेश के इस बयान पर राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय ने तीखा पलटवार किया है। ‘सवाल उठाना कांग्रेस की फितरत’ संतोष पांडेय ने कहा कि, कांग्रेस की फितरत में सवाल खड़ा करना है। फिर चाहे वो एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक हो। ये कश्मीर से धारा 370 हटाने पर भी आग लगने की बात करते थे। उन्होंने आगे कहा कि ये कांग्रेस का शासन नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने जो संकल्प ले लिया तो उसे पूरा करते हैं। नक्सलवाद निर्धारित समय में खत्म होकर रहेगा , उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं में लगातार गिरावट हुई है। नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है नक्सली मारे भी जा रहे हैं। जो टारगेट तय करते हैं उसे सिद्धि जरूर मिलती है। हमने बाहरी आतंकवाद पर कंट्रोल किया है ये तो आंतरिक आतंकवाद की बात है। जिला अध्यक्षों के चयन पर उठाये सवाल कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के चयन के लिए वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली में जमावड़े को लेकर भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने तंज कसते हुए कहा कि, विधानसभा की टिकट हो चाहे सांसद की टिकट हो या फिर कोई भी नियुक्ति हो इनका कोई भी काम बिना विवाद, बिना सिर फुटव्वल, बिना कुर्सी तोड़े होता नहीं है। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद भी ऐसा कुछ होने वाला है। सांसद बिहार रवाना बता दें कि, भाजपा सांसद संतोष पांडेय चुनावी मोर्चा संभालने बिहार रवाना हो गए है। इससे पहले मीडिया से चर्चा केते हुए उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के विधायक और सांसदों की बिहार में ड्यूटी लगी है। पार्टी की रणनीति के तहत बिहार में छत्तीसगढ़ के नेता शानदार ढंग से कम कर रहे हैं। कश्मीर हो या गुवाहाटी, अपना देश अपना माटी, हम काफी समय से नारा लगा रहे हैं। बिहार के लोग हमारे यहां आते हैं, हम बिहार जाते हैं, यह आदान-प्रदान चलता रहता है। Post Views: 93 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड ने थमाया हिन्दू परिवारों को नोटिस, कलेक्टर के सामने उपस्थित होकर देना होगा जवाब, जानें क्या है मामला.. राजस्थान राज्य विद्युत निगम लिमिटेड को आबंटित और अडानी द्वारा संचालित PCB कोल परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन — PEKB घाटबर्रा के समान मुआवजा देने की मांग