अंबिकापुर : मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया है। महाशिवरात्रि की रात मृतक अपने भतीजे के साथ बाइक से देवगढ़ मंदिर से वापस लौट रहा था। रास्ते में 20 से 25 लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी। मारपीट किए जाने से युवक के पेट की अंतड़ी फट गई थी।जानकारी के अनुसार अमोल दास पिता स्व. जयनंदन दास उम्र 32 वर्ष कर्बला रोड का रहने वाला है। वह 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर अपने भतीजा विशेष मानिकपुरी के साथ बाइक से उदयपुर थाना क्षेत्र के देवगढ़ शिवमंदिर पूजा अर्चना करने गए थे। मंदिर में पूजा करने के बाद अमोल अपनी बहन के घर चला गया। इसके बाद रात को दोनों वापस अंबिकापुर लौट रहे थे। रास्ते में बरपारा चौक के पास 20-25 लोग मौजूद थे। बदमाशों ने इन्हें रोक लिया और इतनी रात को कहां से आ रहे हो पूछताछ करने लगे। इसके बाद बदमाशों लात-मुक्के व बेल्ट से दोनों की बेदम पिटाई कर दी। मारपीट की घटना में अमोल दास गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सूचना पर डायल 112 की टीम दोनों को उदयपुर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां अमोल की स्थिति को गंभीर देखते हुए ंचिकत्सकों ने देर रात करीब 1 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया। सूचना पर अमोल के परिजन भी अंबिकापुर से उदयपुर अस्पताल पहुंचे और उसे इलाज के लिए देर रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजन का कहना है कि यहां मरीज का एक्सरे व सोनाग्राफी कराया गया। सोनोग्राफी में कारन स्पष्ट नहीं होने पर सर्जन विभाग के डॉक्टर सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। परिजन अस्पताल में ही 27 फवरी को सीटी स्कैन कराया। जिसकी रिपोर्ट दोपहर तीन बजे तक प्राप्त कर परिजन डॉक्टर को दिखा। इसके बाद भी डॉक्टर ने इलाज के प्रति कोई विशेष पहल नहीं किया। तैयारी कर नहीं किया ऑपरेशन परिजन का कहना है कि सीटी स्कैन रिपोर्ट मिलने के बाद डॉक्टर द्वारा बताया गया कि मारपीट किए जाने से इसका अंतड़ी फट गया है। डॉक्टर ऑपरेशन करने के लिए प्लानिंक करते रहे। डॉक्टर ने परिजन को बताया कि ऑपरेशन के दौरान लड लगेगा। परिजन लड की भी व्यवस्था कर रखे थे। इसके बाद 27 फरवरी की शाम को डॉक्टर अचानक ऑपरेशन करने से मना कर दिया कि अबे मेरी ड्यूटी खत्म हो गई है। नाइट ड्यूटी में जो डॉक्टर आएंगे वह ऑपरेशन करेंगे। मरीज का अंतड़ी फटने व अंदर ही अंदर रक्त स्राव होने से मरीज की स्थिति विगड़ती गई। परिजन का कहना है कि मरीज की स्थिति को देखते हुए कई बार डॉक्टर व स्टाफ नर्स से इलाज करने के गुहार लगाते रहे पर हमलोगों को डांट कर भाग देते थे कि तुम्ही लोग डॉक्टर हो तो क्यों इलाज नहीं कर लेते। परिजन का कहना है कि मरीज को पहले जनरल वार्ड में शिफ्ट किया था। इसके बाद आईसीयू में शिफ्ट कर छोड़ दिया। अंतत: समय पर ऑपरेशन नहीं होने से मरीज की 28 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे मौत हो गई। परिजन ने शव रखकर किया चक्काजाम मौत के बाद परिजन डॉक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। परिजन शव लेजानेसे इंकार कर दिया था। पुलिस द्वारा समझाइश देने के बाद परिजन पीएम कराने को तैयार हुए। शव के पीएम के बाद भी परिजन शव लेजाने से इंकार कर रहे थे। इसके बाद अस्पताल के एमएस ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। परिजन शव अंतिम संस्कार करने के लिए घर न लेजाकर सीधे वाहन से उदयपुर गए और वहां एनएच पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। घटनास्थल उदयपुर थाना क्षेत्र होने के कारण परिजन ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर विरोध-प्रदर्शन किया। डॉक्टर ने क्या कहा मौत के बाद सीटी स्कैन का रिपोर्ट फाइल में लगाया गया है। हालांकि सीटी स्कैन का फिल्म कल ही दोपहर में मिल गया था। वहीं डॉक्टर का कहना है कि मरीज बातचीत कर रहा था। सोनोग्राफी व सीटी स्कैन में अंतड़ी फटने की पुष्टी नहीं होने के कारण ऑपरेशन नहीं किया गया। Post Views: 243 Please Share With Your Friends Also Post navigation अंबिकापुर: देवगढ़ मेले से लौट रहे युवक की पिटाई, इलाज के दौरान मौत नगर पंचायत भटगांव एवं बिश्रामपुर के नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम मे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य…