नई दिल्ली : आज यानी 1 अप्रैल 2025 से नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत हो रही है। इसके साथ ही आम बजट की घोषणाएं लागू हो जाएंगी, जिससे करदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, उपभोक्ताओं और निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इस वित्त वर्ष में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें सबसे बड़ा बदलाव आयकर व्यवस्था में है। इसके अलावा बैंकिंग, निवेश, जीएसटी, क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइंट्स और एटीएम शुल्क में भी कई संशोधन किए गए हैं। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले इन बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से। 1. आयकर व्यवस्था में बड़े बदलाव नई कर व्यवस्था में राहत मिलेगी अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वेतनभोगी करदाताओं के लिए 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद यह सीमा 12.75 लाख रुपये हो जाएगी। 12 लाख से ऊपर की आय पर टैक्स का भुगतान करना होगा। सरकार ने आयकर कानून की धारा-87ए के तहत छूट की सीमा 25,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दी है। इसका फायदा यह होगा कि 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर करदाता को कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। 2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में राहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस छूट की सीमा बढ़ाई गयी हैं। पहले 50,000 रुपये थी, अब 1 लाख रुपये कर दी गई है। अगर किसी वरिष्ठ नागरिक को सालाना 1 लाख रुपये तक का ब्याज मिलता है, तो बैंक उस पर कोई टीडीएस नहीं काटेगा। पहले 40,000 रुपये तक की ब्याज आय पर टीडीएस नहीं लगता था, अब यह सीमा 50,000 रुपये कर दी गई है। 3. किराये की आय पर TDS में राहत अब तक मकान किराये की कमाई पर 2.40 लाख रुपये सालाना तक टीडीएस नहीं लगता था। इसे बढ़ाकर 6 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। यानी 50,000 रुपये प्रति माह तक के किराये पर अब कोई टीडीएस नहीं कटेगा। 4. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए राहत लाभांश से होने वाली कमाई पर टीडीएस छूट की सीमा को भी बढ़ाई गयी हैं। पहले 5,000 रुपये थी, अब 10,000 रुपये कर दी गई है। यानी शेयर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स के जरिए 10,000 रुपये तक लाभांश आय पर कोई टीडीएस नहीं कटेगा। 5. एटीएम से पैसे निकालना महंगा 1 मई 2025 से एटीएम इंटरचेंज शुल्क भी बढ़ेगा। पहले प्रत्येक अतिरिक्त निकासी पर 21 रुपये चार्ज लगता था, अब 23 रुपये चार्ज लगेगा। मेट्रो शहरों में बैंक के एटीएम से 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन और दूसरे बैंक के एटीएम से 3 मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा तय है। 6. बैंकों में न्यूनतम बैलेंस नियम सख्त एसबीआई, पीएनबी, केनरा बैंक सहित कई बैंकों ने 1 अप्रैल 2025 से नए न्यूनतम बैलेंस नियम लागू किए हैं। शहरी इलाकों में 5,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,000 रुपये न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना होगा, वरना जुर्माना लगेगा। 7. क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स में कटौती एसबीआई सिंपली क्लिक कार्ड पर स्विगी के लिए 10 गुना की बजाय अब सिर्फ 5 गुना रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे। एअर इंडिया एसबीआई प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड पर पहले हर 100 रुपये खर्च पर 15 रिवॉर्ड पॉइंट मिलते थे अब सिर्फ 5 मिलेंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने क्लब विस्तारा क्रेडिट कार्ड पर माइलस्टोन बेनेफिट को 31 मार्च 2025 से बंद करने की घोषणा की है। 8. GST E-Invoicing के नियम बदले 10 करोड़ रुपये से अधिक और 100 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों को 30 दिनों के भीतर ई-इनवॉइस पंजीकरण पोर्टल पर अपलोड करना होगा। 100 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए यह नियम पहले से लागू था। 9. आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग की समयसीमा बढ़ी अब अपडेटेड ITR दाखिल करने की समयसीमा 12 महीने से बढ़ाकर 48 महीने (4 साल) कर दी गई है। 12, 24, 36 और 48 महीने के अनुसार अलग-अलग अतिरिक्त टैक्स देना होगा। 10. UPI लेनदेन के नए नियम अगर कोई मोबाइल नंबर 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं किया जाता तो दूरसंचार कंपनी वह नंबर किसी और को आवंटित कर सकती है। इससे पुराने नंबर से लिंक UPI आईडी निष्क्रिय हो जाएगी। Post Views: 191 Please Share With Your Friends Also Post navigation सस्ता हो जाएगा गैस सिलेंडर? कल से होने वाले हैं ये बड़े बदलाव, आम इंसान की जेब पर सीधा होगा असर महंगा हुआ डीजल, राज्य सरकार ने किया ऐलान, जानें अब 1 लीटर के लिए कितनी चुकानी होगी कीमत