CG: धान खरीदी में लापरवाही पर बिग एक्शन, कलेक्टर का 10 नोडल अधिकारियों को नोटिस

बलौदाबाजार:- छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है. राज्य में धान खरीदी को उत्सव की तरह सरकार मनाती है. 15 नवंबर 2025 से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी चल रही है. इस दौरान अवैध धान को रोकना और बदइंतजामी दूर करना पूरे प्रदेश में जिला प्रशासन के लिए चुनौती भरा काम होता है. प्रदेश में धान खरीदी की गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार एक्शन ले रही है. राज्य के जिलों में भी जिला प्रशासन इस बाबत कार्रवाई कर रहा है. बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने धान खरीदी को सुचारू रुप से जारी रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं.

बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी का बिग एक्शन

बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर दीपक सोनी ने धान खरीदी के दौरान भौतिक सत्यापन में गंभीर लापरवाही बरतने वाले 10 उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सभी संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब जिले में धान खरीदी अपने अंतिम चरण में है और हाल ही में फर्जी धान खरीदी के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

लगातार लापरवाही बरतने पर कार्रवाई

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है बार बार निर्देश के बाद भी लापरवाही बरती गई है. कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि जिला कार्यालय स्तर से समय-समय पर धान खरीदी को लेकर समीक्षा बैठकें की गई. इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और लिखित निर्देशों के माध्यम से धान खरीदी कार्य का सुचारु रूप से नियंत्रण, पर्यवेक्षण और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं. इसके बावजूद संबंधित नोडल अधिकारियों द्वारा पीवी (PHV) ऐप में टोकन का भौतिक सत्यापन सही ढंग से नहीं किया गया.

जांच में पाया गया कि कई उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के दौरान आवश्यक फोटो स्पष्ट रूप से नहीं लिए गए, कुछ स्थानों पर फोटो अधूरे थे, तो कहीं टोकन और वास्तविक धान की आवक में तालमेल नहीं दिखा. यह लापरवाही न केवल प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि इससे धान खरीदी प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं.

जानिए किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

उपार्जन केंद्र करमदा के सुशील पटेल

उपार्जन केंद्र देवरी के शशि प्रकाश पटेल

उपार्जन केंद्र मोहरा के नोडल अधिकारी दीनदयाल चतुर्वेदी

उपार्जन केंद्र सिमगा के सिकेश ध्रुव

पलारी अनुभाग से उपार्जन केंद्र अमेरा के प्रभात वर्मा

कसडोल अनुभाग से उपार्जन केंद्र नरधा के ओ.पी. भारद्वाज

उपार्जन केंद्र सर्वा के देवेश देवांगन

उपार्जन केंद्र हसुवा के पुष्पेंद्र पटेल

उपार्जन केंद्र बलदाकछार के योगेश कुमार ध्रुव

उपार्जन केंद्र खरतोरा के नोडल अधिकारी देवेंद्र वर्मा

अनियमितता और फर्जीवाड़े के खुलासे पर सख्ती

हाल के दिनों में जिले में फर्जी धान खरीदी और बिना वास्तविक आवक के ऑनलाइन एंट्री जैसे मामलों के सामने आने के बाद प्रशासन की निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ी हैं. खरतोरा उपार्जन केंद्र में फर्जी तौल पत्रक और ऑनलाइन भुगतान प्रविष्टि का मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अब किसी भी स्तर की लापरवाही या अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि नोडल अधिकारी धान खरीदी व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी होते हैं. उनके द्वारा किया गया भौतिक सत्यापन ही यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया धान वास्तविक है और शासन को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न पहुंचे.

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By Chhattisgarh Kranti

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