रायपुर : गुजरात में आयोजित होने जा रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ से कई बड़े नेता भाग लेने जा रहे हैं। पार्टी ने अहमदाबाद के लिए रवाना होने वाले 55 नेताओं की सूची भी जारी कर दी है। इस सूची में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में है एक ऐसा नाम जिसे लेकर कांग्रेस खुद असहज दिखाई दे रही है—रामगोपाल अग्रवाल, जो कि कागज़ों पर अब भी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष हैं।

रामगोपाल अग्रवाल पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे हैं। उन पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसा था और साल 2022 में हुई छापेमारी में उनके ठिकानों से कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए गए थे। उसके बाद से वे पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए और न ही किसी बैठक में शिरकत की। दरअसल ईडी की छापेमारी के बाद से ही रामगोपाल अग्रवाल गायबर हैं। अब वो अचानक से अधिवेशन में पहुंच रहे हैं।

भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला

प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा, “ये कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन है या घोटालेबाजों का अधिवेशन? जो व्यक्ति फरार है, उसे भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। यह पार्टी की कार्यशैली और मंशा पर सवाल उठाता है।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसा न हो कि जेल में बंद सौम्या चौरसिया और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी कहीं ‘अपेक्षित’ श्रेणी में रखा गया हो।”

कांग्रेस की चुप्पी और संगठनात्मक ढिलाई

रामगोपाल अग्रवाल को साल 2013 में प्रदेश कांग्रेस का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन 2022 के बाद से उनकी कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है। आश्चर्य की बात यह है कि पार्टी ने अब तक उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की है। इस सवाल का जवाब भी पार्टी के पास नहीं है कि आखिर प्रदेश कांग्रेस का वित्तीय प्रबंधन इन दो वर्षों में किसके हवाले था।

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By Chhattisgarh Kranti

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