सीएम साय ने आज मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए. सीएम साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके. सीएम साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. सीएम ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन और कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए. Post Views: 265 Please Share With Your Friends Also Post navigation इस्पात नगरी भिलाई से एक बड़ी खबर: भिलाई स्टील प्लांट में लगी आग 15 वर्षिय छात्रा से दुष्कर्म : प्रेमी ने दोस्तों के साथ मिलकर ब्लैकमेल कर 5 रात किया सामूहिक दुष्कर्म