बिलासपुर। सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक राहत की उम्मीद लगाए बैठे छत्तीसगढ़ के पेंशनरों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चली आ रही कानूनी पेचीदगियां दूर होने के बावजूद, पेंशनरों को अब तक 2 प्रतिशत महंगाई राहत (DR) का भुगतान नहीं मिल पाया है। लंबित वित्तीय लाभ और अपनी 11 सूत्रीय मांगों पर शासन स्तर से कोई ठोस निर्णय न होने के कारण पेंशनरों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर रविवार को भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय कार्यसमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महासंघ के सदस्यों ने शासन की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बैठक की मुख्य बातें: लंबित भुगतान: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आपसी कानूनी अड़चनें खत्म होने के बाद भी 2% महंगाई राहत (DR) का मामला अटका हुआ है। बातचीत बेअसर: महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन वित्तीय मामलों का अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। 11 सूत्रीय मांगें: पेंशनर अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, जिन पर सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पेंशनर्स महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनके वित्तीय अधिकारों और जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। Post Views: 6 Please Share With Your Friends Also Post navigation धमतरी में नशे के सौदागरों पर बड़ी कार्रवाई: स्कूल के पास हेरोइन बेचते 3 तस्कर गिरफ्तार, ₹3.65 लाख का माल जब्त छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा उलटफेर: 20 निष्कासित नेताओं की हुई ‘घर वापसी’, तत्काल प्रभाव से आदेश लागू