बलौदाबाजार/रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2025 को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मूल्यांकन प्रक्रिया और इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों के चयन में कथित विसंगतियों को लेकर बलौदाबाजार जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस बढ़ते राजनीतिक दबाव और विवाद के बीच, CGPSC ने बड़ा कदम उठाते हुए 20 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। जिला कांग्रेस की प्रेस वार्ता: क्या हैं आरोप? बलौदाबाजार जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा के संचालन को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाए: मूल्यांकन पर सवाल: उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की पारदर्शिता पर संदेह जताया गया है अभ्यर्थियों की संख्या में कमी: कांग्रेस ने पूछा कि नियम के मुताबिक 265 पदों के लिए 1:3 के अनुपात में 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था, लेकिन सिर्फ 608 अभ्यर्थियों का ही चयन क्यों किया गया? 187 कम अभ्यर्थियों को बुलाए जाने के पीछे क्या मंशा है? कांग्रेस की मांगें: पार्टी ने मांग की है कि मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर (Model Answers) जारी किए जाएं, अभ्यर्थियों को उनकी कॉपियां उपलब्ध कराई जाएं और उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) कराया जाए। हालांकि, विवाद बढ़ता देख CGPSC पहले ही इस पर अपना स्पष्टीकरण जारी कर चुका है। आयोग का कहना है कि: परीक्षा नियमों के तहत इंटरव्यू के लिए 795 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना वांछित था, लेकिन कई अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक (Minimum Qualifying Marks) हासिल नहीं कर पाए। कट-ऑफ और न्यूनतम योग्यता अंक पार न करने के कारण केवल 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए पात्र (Qualified) हो सके। वहीं, सत्तापक्ष (भाजपा) ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मूल्यांकन पूरी तरह गोपनीय तरीके से विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई बड़े नेताओं द्वारा इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की जा रही थी। इसी बीच, CGPSC ने ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देते हुए 20 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाले साक्षात्कारों को टाल दिया है। कुल 20 विभागों के 265 पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए अब नई तारीखों का एलान आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर बाद में किया जाएगा। लगातार दो परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों ने अब राज्य सरकार और आयोग दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ में ‘कोल माइंस’ पर छिड़ी सियासी जंग: भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दी खुली डिबेट की चुनौती