“डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने नवजात और उसकी माँ का सुरक्षित इलाज कर दिया नया जीवन, गहन चिकित्सा इकाई में उपचार से मिली बड़ी सफलता” अंबिकापुर। संकल्प हॉस्पिटल ने नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ा आयाम स्थापित किया है। मात्र 800 ग्राम वजन के नवजात शिशु की जान बचाने में हॉस्पिटल की एडवांस नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिशु का सफल इलाज डॉक्टर अंकित गुप्ता और डॉक्टर मेघा गोयल की देखरेख में किया गया। एनआईसीयू में उपचार के बाद अब शिशु पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने माता-पिता के साथ घर लौट चुका है। इस शिशु की माँ ने संकल्प हॉस्पिटल में ही आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) प्रक्रिया के माध्यम से गर्भधारण किया था। माँ की उम्र अधिक होने और गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण जटिलताएँ उत्पन्न हुईं, जिन्हें डॉ. लता गोयल और डॉ. अंकिता गोयल ने सफलतापूर्वक प्रबंधित किया। जटिलताओं को देखते हुए समय से पहले डिलीवरी कराई गई, और माँ का इलाज स्मार्ट आईसीयू में किया गया। संकल्प हॉस्पिटल वर्षों से सरगुजा में प्रसव और नवजात चिकित्सा के लिए एक प्रतिष्ठित संस्थान रहा है। यहाँ अनुभवी डॉक्टरों की टीम द्वारा नवजात शिशुओं के लिए गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) का संचालन बड़े शहरों की तर्ज पर किया जा रहा है। संकल्प हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं के इलाज के साथ-साथ आँखों की आरओपी स्क्रीनिंग, सुनने की जाँच, दिल की सोनोग्राफी और न्यूरोसोनोग्राफी जैसी सुपर स्पेशलिटी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। अस्पताल में विभिन्न सरकारी और निजी योजनाओं के तहत निःशुल्क और कैशलेस इलाज की जानकारी निरंतर प्रदान की जा रही है। यह सफलता संकल्प हॉस्पिटल की टीम की कुशलता और समर्पण का प्रमाण है, जो माँ और शिशु को संपूर्ण चिकित्सा सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध करा रही है। Post Views: 279 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य किया बालोद: मेटाडोर और पिकअप में भीषण टक्कर, एक महिला की मौत, 16 घायल