उदयपुर, छत्तीसगढ़।10 दिसंबर 2024 को मानव अधिकार दिवस के अवसर पर वंचित समुदाय के भूमि अधिकारों, आजीविका से जुड़े लंबित दावों और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मिरिगाडांड में एक सभा और पदयात्रा का आयोजन किया गया। सभा का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें प्रमुख अतिथि श्री प्रशांत कुमार (राष्ट्रीय सचिव, एकता परिषद), प्रतिनिधि सरपंच ललाती, श्री सिद्धार्थ सिंह देव (पूर्व उपमंत्री के प्रतिनिधि), अधिवक्ता मिश्रा जी, और कोटमी सरपंच प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत एकता परिषद की कार्यकर्ताओं सुश्री प्रमिला तिग्गा और उनकी टीम द्वारा “जय जगत” गीत से की गई। संचालन राज्य समन्वयक रघुवीर दास ने किया। मुख्य वक्ताओं का संदेश:श्री प्रशांत कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के 13 जिलों में वंचित समुदायों के भूमि अधिकारों और आजीविका से जुड़े लंबित दावों के समाधान के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्री सिद्धार्थ सिंह देव ने वन अधिकार अधिनियम के लिए एकता परिषद के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठा रही है। अधिवक्ता मिश्रा ने मानव अधिकार दिवस को मानव जीवन को गरिमामय बनाने वाला दिवस बताया। पदयात्रा और ज्ञापन सौंपा गया:सभा के बाद पदयात्रा मिरिगाडांड से शुरू होकर शिव मंदिर, सेंट्रल बैंक, और एसडीएम कार्यालय तक पहुंची। वहां वंचित समुदायों की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को सौंपा गया। ज्ञापन में निम्न मांगें की गईं: वंचित समुदाय के भूमि और आजीविका से जुड़े लंबित दावों का समाधान। अपील वाले वन अधिकार दावों की पुनः जांच और क्रियान्वयन। अधिकार पत्र रुके हुए हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान। जाति प्रमाण पत्र और भूमि अधिकार पत्र बनाने के अधिकार ग्राम सभा को दिए जाएं। सामुदायिक वन अधिकार दावों पर शीघ्र कार्रवाई। तहसील स्तर पर छोटे-मोटे कार्यों में देरी को रोकने के लिए उचित कदम। कार्यक्रम का समापन:ज्ञापन सौंपने के बाद सभी प्रतिभागी मिरिगाडांड लौटे और सामूहिक भोजन व करमा नृत्य का आनंद लिया। इस कार्यक्रम में एकता परिषद के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रशांत कुमार, राज्य समन्वयक रघुवीर दास, जिला अध्यक्ष शीतल बोध, सरपंच प्रतिनिधि ललाती और ब्लॉक कार्यकर्ता प्रमिला तिग्गा सहित अनेक प्रमुख लोगों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि यदि उपरोक्त मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो एकता परिषद विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी। Post Views: 311 Please Share With Your Friends Also Post navigation सड़क दुर्घटना में कंपनी कर्मी की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, चार घंटे तक एनएच-130 पर बनी रही जाम की स्थिति, पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत पति की पिटाई से महिला की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस