क्रांति कुमार रावत / उदयपुर की रिपोर्ट उदयपुर। ग्राम तारा बाजारडांड चौक के पास एनएच-130 पर हुए एक सड़क हादसे में पीईकेबी कोल माइंस में कार्यरत कर्मचारी सुदर्शन यादव (40 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक ग्राम पतुरियाडांड, चौकी मोरगा का निवासी था। हादसा 10 जुलाई की रात करीब 9 बजे हुआ, जब सुदर्शन यादव ड्यूटी के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। रात के समय एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे सुदर्शन की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनका हेलमेट तक चकनाचूर हो गया। दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मृतक के लिए मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। कंपनी के प्रतिनिधियों के न पहुंचने और उचित आश्वासन न मिलने से आक्रोश बढ़ गया। रात 9 बजे से 12 बजे तक एनएच-130 पर जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान शव सड़क पर ही पड़ा रहा। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने चंद्र प्रकाश साहू और अभय नामक दो लोगों को हिरासत में लेकर प्रेमनगर थाना में बिठाया। बाद में एसडीएम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि कंपनी से नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया दो दिन के भीतर पूरी की जाएगी। इसके बाद ही जाम समाप्त हुआ और पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के शव का प्रेमनगर हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान प्रशासन द्वारा पूर्व की घटनाओं से संज्ञान लेते हुए पूरे रास्ते खास खास जगहों पर चौक चौराहों पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए और शव को मृतक के गृह ग्राम पतुरियाडांड जिला कोरबा, के लिए रवाना किया गया। जब तक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम नहीं हुआ तब तक पुलिस की एक टीम ग्राम में ही मौजूद रही। हाल फिलहाल देखा जा रहा है कि लोग अपनी जायज मांगों को पूरा करने शव को लेकर प्रदर्शन करने लग रहे है। पुलिस और प्रशासन के लोगों में अजीब स्थिति निर्मित हो जाती है कि वह करे तो क्या करे। क्योंकि कई बार लोगों को उग्र प्रदर्शन करना पड़ता है तब जाकर उनकी आवाज सुनी जाती है। मृतक सुदर्शन के मामले में जानकारी देते हुए पतूरियाडांड सरपंच उमेश्वर आर्मों ने बताया कि घटना से मृतक के परिवार के सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक के तीन छोटे बच्चे है, गरीब परिवार से है। Post Views: 1,130 Please Share With Your Friends Also Post navigation जरही के भू विस्थापित 73 परिवारों को मिलेगा रोजगार मानव अधिकार दिवस पर वंचित समुदाय के भूमि अधिकारों और आजीविका के लिए पदयात्रा आयोजित