शिक्षिका से विवाद, छात्राओं पर गंदी नजर, प्राचार्य निलंबित बिलासपुर। शासकीय हाई स्कूल, जोगीपुर (विकासखंड कोटा) के प्रभारी प्राचार्य मनीष वर्मा (मूल पद व्याख्याता) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीपीआई ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। डीपीआई ने ये कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर द्वारा जारी ज्ञापन क्रमांक 12167/शिकायत-जांच/2025 दिनांक 29 सितंबर 2025 के तहत की गई है। प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद यह पाया गया कि 21 अगस्त 2025 को वर्मा ने विद्यालय की एक महिला शिक्षिका के साथ विवाद किया और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। इसके अलावा, उन पर विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को गलत नियत से देखने और अनुचित स्पर्श करने का भी आरोप लगा है। शिकायतों में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्मा ने विद्यालय के अन्य शिक्षकों, प्रधानपाठकों और संकुल समन्वयकों के साथ भी कई बार दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किया था। जांच प्रतिवेदन में इन सभी आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि श्री वर्मा का यह आचरण अशोभनीय, नैतिक पतन का द्योतक और उनके पदीय गरिमा के विपरीत है। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन करते हुए गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। इन तथ्यों के आधार पर, वर्मा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग के आदेश में यह भी उल्लेख है कि निलंबन की अवधि में वर्मा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्राप्त होगा।इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर शिक्षक समुदाय में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो श्री वर्मा पर कठोर विभागीय कार्रवाई और बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए। Post Views: 114 Please Share With Your Friends Also Post navigation बहला फुसलाकर नाबालिग लड़की से किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार उदयपुर में हाथी-मानव द्वंद्व बढ़ा, 25 हाथियों के दल ने मचाया उत्पात — फसल और मकानों को नुकसान