हाथियों का फसल पर कहर जारी रायगढ़ (छत्तीसगढ़) – शनिवार सुबह रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज के चुहकीमार जंगल में करंट लगने से एक शावक समेत तीन हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई। डीएफओ स्टाइलों मंडावी ने घटना की पुष्टि की है। हादसे के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत हाथियों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू की गई। रायगढ़ जिले में हाथियों की बढ़ती संख्या से ग्रामीणों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में अब हाथियों की संख्या 158 तक पहुंच गई है, जिसमें रायगढ़ वन मंडल में 78 और धरमजयगढ़ वन मंडल में 80 हाथी शामिल हैं। हाथियों के झुंड रात होते ही जंगल से निकलकर ग्रामीण इलाकों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ रही है। गुरुवार रात 26 किसानों की फसलों को रौंदा गुरुवार रात को भी हाथियों के कई झुंड ने 26 किसानों की फसलों को रौंद कर नुकसान पहुंचाया। चिंघाड़ते हुए हाथी जब गांव के करीब पहुंचे, तो ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया, जिससे हाथी बस्तियों में तो नहीं घुसे, लेकिन खेतों में उतरकर व्यापक नुकसान कर गए। इन गांवों में हुआ फसल को नुकसान गुरुवार रात को 9 गांवों में हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। रायगढ़ वन मंडल के कमतरा और कया गांव में 2 किसानों की फसल, धरमजयगढ़ वन मंडल के फत्तेपुर और उदउदा में 9 किसानों की फसल, कौहापानी में 7 किसानों की फसल, सिसरिंगा और सोखमुड़ा में 3 किसानों की फसल, और सोहनपुर व जामाबीरा में 5 किसानों की फसल को रौंद दिया गया। बाकारूमा रेंज में हाथियों का सबसे बड़ा दल, 22 हाथियों का, सक्रिय है, जिससे फसलों के लिए खतरा और बढ़ गया है। वन विभाग का प्रयास और ग्रामीणों की समस्या हाथियों के लगातार हमले से किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। वन विभाग द्वारा प्रयास जारी हैं कि हाथियों को ग्रामीण इलाकों से दूर रखा जा सके, लेकिन बढ़ती संख्या और जंगलों में खाद्य संसाधनों की कमी के कारण ये हाथी गांवों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि फसलों और जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Post Views: 1,287 Please Share With Your Friends Also Post navigation विधायक की उपस्थिति में तिरकेला में करमा प्रतियोगिता संपन्न लखनपुर: सुने मकान से लाखों के जेवरात और सामान चोरी, पुलिस की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल