रमेश बैस होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति? पीएम मोदी तक पहुंचा लेटर, कद्दावर नेताओं के नाम की चर्चा के बीच आया नया नाम रायपुर : जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुए उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को शुक्रवार को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि कानून एवं न्याय मंत्रालय से परामर्श करके और राज्यसभा के उपसभापति की सहमति के बाद उसने 2025 के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए PM मोदी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव के दौरान संयुक्त सचिव, राज्यसभा सचिवालय गरिमा जैन और राज्यसभा सचिवालय निदेशक विजय कुमार को भी सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। रमेश बैस को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग वहीं दूसरी ओर अब उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के संभावित नामों का कयास लगना शुरू हो गया है। इन सब के बीच छत्तीसगढ़ के पीसीसी चीफ दीपक बैज ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और 7 बार के सांसद रमेश बैस को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग की है। इस संबंध में दीपक बैज ने पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पीएम मोदी से कहा है कि 15 साल तक लोकसभा चुनाव में जनता का अपार सहयोग मिलने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ को अपेक्षाकृत प्रतिनिधित्व नहीं मिला, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस इस पद के लिए उपयुक्त हैं। इन नामों पर चर्चा तेज बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार के नाम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद का भी नाम सामने आ रहा है। बिहार चुनाव के मद्देनजर माना जा रहा है कि बीजेपी की तरफ से जदयू को यह ऑफर दिया जा सकता है। हालांकि, राजनीतिक के जानकारों का मानना है कि बीजेपी इस पर अपनी ही पार्टी के किसी वरिष्ठ और अनुभवी नेता पर दांव खेल सकती है। ऐसे में थावर चंद गहलोत, ओम माथुर, आरिफ मोहम्मद खान, हरिवंश और रमा देवी जैसे कद्दावर नेताओं के नाम की चर्चा तेज है। कौन हैं रमेश बैस? रमेश बैस को संसदीय राजनीति, सामाजिक कार्य और संगठनात्मक कार्य का पांच दशकों से भी अधिक का अनुभव है। उन्होंने पार्षद से लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री और राज्यपाल तक की विभिन्न सार्वजनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। रमेश बैस का जन्म 2 अगस्त 1947 को रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा भी रायपुर में प्राप्त की। वर्ष 1978 में वे पहली बार रायपुर नगर निगम के पार्षद के रूप में चुने गए। 1980 से 1985 तक वे मध्यप्रदेश विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य रहे। वर्ष 1989 में बैस ने पहली बार रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया और इसके बाद लगातार सात बार रायपुर से लोकसभा सांसद चुने जाने का रिकॉर्ड बनाया। 1998 में उन्हें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में इस्पात और खान मंत्रालय में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। 1999 से 2004 के दौरान वे पहले रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, फिर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे। 2003 में उन्हें खनन मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। 2009 से 2014 तक बैस लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक रहे। 2014 से 2019 तक 16वीं लोकसभा में वे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों पर उल्लेखनीय कार्य किया। 29 जुलाई 2019 को रमेश बैस को त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने 13 जुलाई 2021 तक सेवा दी। 14 जुलाई 2021 को उन्हें झारखंड के राज्यपाल के पद पर स्थानांतरित किया गया। और फिर 18 फरवरी 2023 को वे महाराष्ट्र के 20वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किए। Post Views: 160 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG BREAKING : राजधानी में पेटी के बाद अब बोरी के अंदर मिली युवक की लाश, इलाके में फैली सनसनी CG News: नामी होटल के बंद कमरे में युवती के ड्रग्स लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, ढाई मिनट के वीडियो में कैद हुई घटना, देखें वीडियो