नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर आक्रामक रुख अपनाया है। हमले में 26 लोगों की मौत और 17 के घायल होने के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना और अटारी-वाघा सीमा को बंद करना शामिल है। इसी बीच, भारतीय नौसेना ने स्वदेशी युद्धपोत INS सूरत से अरब सागर में मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MRSAM) का सफल परीक्षण कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस परीक्षण ने न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया, बल्कि पाकिस्तान को कड़ा संदेश भी दिया, जो कराची तट पर 24-25 अप्रैल को सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने की तैयारी में है। INS सूरत का शानदार प्रदर्शन- भारतीय नौसेना के स्वदेशी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS सूरत ने अरब सागर में तेजी से उड़ने वाले समुद्र-सतह स्किमिंग टारगेट को सटीकता से भेदकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह मिसाइल, जिसे भारत और इजराइल ने संयुक्त रूप से विकसित किया है, 70 किलोमीटर की रेंज में समुद्री खतरों को नष्ट करने में सक्षम है। नौसेना ने इसे आत्मनिर्भर भारत के विजन में एक मील का पत्थर बताया। नौसेना के प्रवक्ता ने कहा, “यह उपलब्धि स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन, विकास और संचालन में हमारी बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।” यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ, जब पाकिस्तान ने अपने मिसाइल परीक्षण की घोषणा की, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान का मिसाइल टेस्ट और भारत की निगरानी- पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने और SAARC वीजा छूट योजना को रद्द करने जैसे कदमों से बौखलाए पाकिस्तान ने कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल के परीक्षण की घोषणा की है। यह परीक्षण 24-25 अप्रैल को उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में होगा। भारतीय खुफिया एजेंसियां, रॉ और आईबी, इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही हैं। गृह मंत्रालय में गृह सचिव की अध्यक्षता में रॉ और आईबी प्रमुखों की उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और संभावित खतरों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, भारत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। The Indian Navy's latest indigenous guided missile destroyer, INS Surat, has successfully carried out a precision cooperative engagement of a sea-skimming target, marking a significant milestone in strengthening the Navy's defence capabilities. This achievement demonstrates the…— ANI (@ANI) April 24, 2025 Post Views: 210 Please Share With Your Friends Also Post navigation भारत सरकार के फैसले के बाद क्या सीमा हैदर को भी छोड़ना होगा भारत? पाकिस्तानियों को 48 घंटे का अल्टीमेटम, जानें Pahalgam Attack : भारत की कड़ी कार्रवाई से पाकिस्तान में खौफ का माहौल, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बोले- पानी रोकना जंग जैसा माना जाएगा