Independence Day : लालकिले के प्राचीर से पहलगाम हमले का जिक्र, PM ने कहा, “लोगों को धर्म पूछ-पूछ कर मारा गया”

नई दिल्ली : आज देशभर में हर्षोल्लास के साथ आजादी का 78वां वर्षगाँठ मनाया जा रहा है। राज्यों में जहां मुख्यमंत्री ध्वजारोहण कर रहें हैं तो वही जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण भी नियत स्थानों पर झंडा फहराकर सलामी ले रहे है।

पीएम मोदी ने 12वीं बार फहराया तिरंगा

बात करें देश की राजधानी दिल्ली की तो यहां प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 12बार तिरंगा फहराया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनकी अगवानी की। ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और सुभकामनाएँ देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि यह सुअवसर सभी देशवासियों के जीवन में नया जोश और नई स्फूर्ति लेकर आए, जिससे विकसित भारत के निर्माण को नई गति मिले. जय हिंद!”

लाल किले में शुरू हुआ भाषण

प्रधानमंत्री लालकिले की प्राचीर से देशवासियों को सम्बोधित कर रहे है। उन्होंने अपने भाषण में इसी साल के अप्रैल में हुए पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हर आतंक का मुकाबला करने के लिए पूरी तैयार है, प्रतिबद्ध है। भारतीय सेना ने हमेशा की तरह इस बार भी आतंक को मुहतोड़ जवाब दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों पर निर्भर है। हमें लाखों-करोड़ों खर्च कर के पेट्रोल-डीजल-गैस दूसरे देशों से लाना पड़ता है। हमने बीड़ा उठाया और 11 वर्षों में सोलर एनर्जी बढ़ चुकी है। हम नए-नए डैम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो पावर का विस्तार हो और क्लीन एनर्जी मिले। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर आज हजारों करोड़ निवेश कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा में 10 नए परमाणु रिएक्टर काम कर रहे हैं। 2047 तक हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगे। हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए हैं।

सेमीकंडक्टर के विचार की भ्रूण हत्या हुई

पीएम मोदी ने कहा कि हम जब तकनीक के अलग अलग आयामों की बात करते हैं। जैसे मैं बात करता हूं सेमीकंडक्टर की। मैं लाल किले में किसी सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं खड़ा हूं। लेकिन देश की युवा पीढ़ी को जानकारी होना अहम है। हमारे देश में 50 साल पहले सेमीकंडक्टर के लिए फाइलें शुरू हुई। विचार शुरू हुए। लेकिन मेरे नौजवान हैरान हो जाएंगे कि 50-60 साल पहले वो विचार-फाइलें अटक गईं, लटक गईं। सेमीकंडक्टर के विचार की ही भ्रूण हत्या हो गई। हमारे बाद कई देश सेमीकंडक्टर में आज महारत हासिल कर दुनिया में अपनी ताकत को प्रस्थापित कर रहे हैं। आज हम मिशन मोड में सेमीकंडक्टर के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहे हैं। हम छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रख चुके हैं। इस वर्ष के अंत तक मेड इन इंडिया यानी भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई चिप्स बाजार में आ जाएंगी।

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By Chhattisgarh Kranti

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