दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के 11 शिक्षक शामिल, स्कूली शिक्षा में संग्रहालयों की भूमिका पर जोर

नई दिल्ली। सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेस एंड ट्रेनिंग (CCRT) के तत्वावधान में संस्कृति मंत्रालय और स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से दिल्ली के द्वारका सेक्टर 7 में 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक “स्कूली शिक्षा में संग्रहालयों की भूमिका” पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश के 13 राज्यों के कुल 85 शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें छत्तीसगढ़ के 11 शिक्षक भी शामिल थे। सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक से डॉ. सुनील कुमार यादव, जो मा शाला पेंडरखी में शिक्षक हैं, ने भी इस कार्यशाला में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन CCRT के अध्यक्ष श्री इंदुलकर के मार्गदर्शन में हुआ, जहां उन्होंने स्कूली शिक्षा में संग्रहालयों की उपयोगिता और विभिन्न संग्रहालयों की स्थापना के उद्देश्यों पर विचार साझा किए। उप निदेशक आशुतोष शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को दिल्ली के प्रमुख स्थानों, जैसे राष्ट्रीय संग्रहालय, क्राफ्ट म्यूजियम, साइंस सेंटर और इंडिया गेट का दौरा कराया गया।

इस कार्यशाला में संग्रहालयों की भूमिका को स्कूली शिक्षा में सम्मिलित करने के महत्व पर गहन चर्चा हुई। विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को संग्रहालयों में मौजूद बौद्ध काल, लौह युग, कांस्य युग से संबंधित ज्ञान और वैज्ञानिक प्रगति पर जानकारी दी। विभिन्न राज्यों से आईं प्रदर्शनी में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित छत्तीसगढ़ के रजवार हाउस के मॉडल ने विशेष आकर्षण बटोरा, जिसमें सरगुजा क्षेत्र की कला और संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन था।

तीसरे दिन प्रतिभागियों को आर्ट म्यूजियम और साइंस सेंटर का भ्रमण कराया गया, जिसमें पुराने विज्ञान, कला और शिल्पकला का विस्तृत परिचय दिया गया। क्राफ्ट मेला में इंडोर हॉल में विभिन्न शिल्प कलाओं पर जानकारी दी गई, जो स्कूलों में म्यूजियम तैयार करने के लिए उपयोगी साबित होगी। कार्यशाला के अंतिम दिन वैज्ञानिक मगेश सर द्वारा प्रकृति और पर्यावरण पर आधारित एक विशेष सत्र हुआ। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधित्व की सराहना की गई, और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक परिधान में सजी महिलाएं इस कार्यक्रम का आकर्षण रहीं, जिससे अन्य राज्यों के शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रभावित हुए। छत्तीसगढ़ के इस शानदार प्रदर्शन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी टीम की प्रशंसा की। डॉ. सुनील कुमार यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्कूलों में संग्रहालयों को लेकर आगे कार्य करने की योजना बना रहे हैं।

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By Chhattisgarh Kranti

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