रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गरीब बालिकाओं के लिए चलाए जा रहे मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितता का मामला गूंजा। विपक्ष के सदस्यों ने इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े इसका गोल मोल जवाब देती रही , जिस पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर नाराजगी जताते हुए मंत्री पर सवालों की झड़ी लगा दी, इसके बाद भी मंत्री जांच के लिए तैयार नहीं हुई। कांग्रेस विधायक संदीप साहू ने प्रश्नकाल में पूछा कि बलौदाबाजार भाटापारा और रायपुर जिले में वर्ष 2022 से फरवरी 2025 तक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कितने जोड़ों की शादी हुई। विवाहित जोड़ों को कितनी राशि का उपहार दिया गया और उसकी खरीदी कहां से हुई। कांग्रेस विधायक ने इस योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बताया कि बालोद जिले में 16 जोड़ों का विवाह हुआ जिसका सरकारी खर्च 37 लाख बताया गया है जबकि नियमानुसार प्रति जोड़ा 50 हजार खर्च करने का प्रावधान है। इन जोड़ों को मिलने वाली सामग्रियां भी घटिया क्वालिटी का पाया गया है। कांग्रेस विधायक ने ऐसी गड़बड़ी करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस के ही सदस्य कुंवर सिंह निषाद और अनिला भेड़िया ने भी अपने क्षेत्र में इस योजना की आड़ में हुई अनियमितता की जानकारी सदन को देते हुए इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने माना कि प्रति जोड़ा 50 हजार खर्च का प्रावधान है, परन्तु इसमें अनियमितता की कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। विपक्षी विधायक सदन में मंत्री द्वारा जांच की घोषणा करने का आग्रह करते रहे। इसी बीच स्पीकर डॉ रमन सिंह ने प्रश्नकाल खत्म होने की घोषणा कर दी जिससे विपक्ष अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाए। Post Views: 201 Please Share With Your Friends Also Post navigation विधानसभा के बजट सत्र की चार दिन की छुट्टी के बाद आज से फिर शुरुआत …गृहमंत्री व कृषि मंत्री के विभागों के बजट प्रस्तावों पर होगी चर्चा CBI अपने साथ भूपेश बघेल के तीन मोबाइल ले गयी, 14 घंटे चली CBI रेड हुई खत्म….