दिनेश बारी लखनपुर

27 जनवरी 2025
सरगुजा जिले के लखनपुर के ग्राम पटकुरा में ग्रामीणों ने श्रमदान कर खुरखुरी नदी पर अस्थाई पुल का निर्माण कर प्रशासनिक उदासीनता को चुनौती दी है।

आधुनिकता के दौर में मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण

जहां भारत विश्व में तेजी से प्रगति कर रहा है, वहीं ग्राम पटकुरा और उसके आश्रित गांव चिता घुटरी और घटोन के निवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर हैं। खुरखुरी नदी में पुल न होने से इन गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही और अन्य आवश्यक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में चिता घुटरी गांव पूरी तरह से पंचायत और ब्लॉक मुख्यालय से कट जाता है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।

स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव

पुल की अनुपलब्धता के कारण गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को खाट या कंबल के सहारे नदी पार कर पंचायत मुख्यालय तक लाया जाता है, जहां एंबुलेंस की सुविधा मिल पाती है। बरसात के समय बच्चों को स्कूल ले जाना और राशन लाना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा कार्य बन जाता है।

ग्रामीणों ने किया श्रमदान, प्रशासन की अनदेखी पर सवाल

वर्षों से पुल निर्माण की मांग करते आ रहे ग्रामीणों की बात प्रशासन तक नहीं पहुंची। आखिरकार, ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान कर खुरखुरी नदी पर अस्थाई पुल बना लिया। इस कार्य में गांव की महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

लंबे समय से पुल की मांग

ग्राम चिता घुटरी में लगभग 40 परिवार निवास करते हैं। विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से खुरखुरी नदी में पुल निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा इसे नजरअंदाज किया गया।

अब सवाल यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस मांग को गंभीरता से लेकर स्थाई पुल का निर्माण करेगा या ग्रामीणों को हर साल अस्थाई पुल बनाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ेंगी?

Please Share With Your Friends Also

By Chhattisgarh Kranti

हमारी कोशिश इस वेबसाइट के माध्यम से आप तक राजनीति, खेल, मनोरंजन, जॉब, व्यापार देश विदेश इत्यादि की ताजा और नियमित खबरें आप तक पहुंच सकें। नियमित खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ। जय जोहार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!