लखनपुर / दिनेश बारी तीन साल से वन कार्यों में जुटे मजदूरों का भुगतान अब भी अधूरा, त्योहार के समय में भी टालमटोल का सामना सरगुजा जिले के लखनपुर वन परिक्षेत्र के तहत वन संरक्षण, पानी संवर्धन, और पौधारोपण जैसे कार्यों में जुटे मजदूरों को उनकी मेहनत का पूरा भुगतान नहीं मिल पाने से निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कटिंदा, लोसंगा, और रेहला बीट में कई तरह के कार्य करने वाले ये मजदूर अपनी मजदूरी के लिए पिछले कई महीनों से वन विभाग कार्यालय और कर्मचारियों के चक्कर काट रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि कार्य समाप्त होने के बाद भी उन्हें भुगतान आधे-अधूरे रूप में किया गया है, जिससे उनके त्योहारों का बजट प्रभावित हो रहा है। मजदूरों का काम और लंबित भुगतान: वन विभाग में तीन वर्षों से सेवाएं: मजदूर मानमती, चन्द्रमति, धनेश्वरी, सुमित्रा, संपति, सीता, दुहनी सुहवाई और प्रमिला जैसी महिलाएं जंगल के आसपास के गांवों में रहती हैं और पिछले तीन साल से वन विभाग के विभिन्न कार्यों में लगी हुई हैं। ये मजदूर जंगलों में आग बुझाने, पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने, गौठान निर्माण और पानी रोकने के लिए पत्थर और मिट्टी का कार्य करती हैं। कैंपा मद और अन्य योजनाओं के अंतर्गत कार्य: मजदूरों ने बताया कि कैंपा मद और अन्य योजनाओं के अंतर्गत वन विभाग ने उनकी सेवाएं ली हैं। इन कार्यों का हिसाब तो रखा गया है, लेकिन भुगतान का रिकॉर्ड गड़बड़ है। उनके अनुसार, विभाग ने मजदूरी का कुछ हिस्सा बैंक खातों में जमा किया है और कुछ नगद दिया है, लेकिन एक बड़ा हिस्सा अभी भी बकाया है। त्योहार के समय बढ़ी आर्थिक समस्या: मजदूरों का कहना है कि वे त्योहारों के समय अपने परिवार के लिए जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए मजदूरी का पूरा भुगतान चाहते हैं। कई मजदूरों ने बताया कि उनकी मजदूरी बकाया होने के कारण वे कर्ज लेने या अन्य कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। मजदूरों ने सरपंच से की मदद की गुहार: कटिंदा के सरपंच जमुना प्रसाद से संपर्क: मजदूरों ने कटिंदा के सरपंच जमुना प्रसाद से भी अपनी समस्या को लेकर संपर्क किया। सरपंच ने मजदूरों को लेकर बैंक में उनके खातों का विवरण चेक कराया। बैंक में चेक करने पर पता चला कि कुछ हफ्तों का भुगतान ही खातों में दर्ज है, जबकि शेष राशि बकाया है। सरपंच ने विभाग से की अपील: सरपंच जमुना प्रसाद ने वन विभाग से आग्रह किया कि मजदूरों की बकाया मजदूरी का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय मजदूरों को आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है, ऐसे में उनका भुगतान रोकना अनुचित है। वन परिक्षेत्राधिकारी का बयान: वन परिक्षेत्राधिकारी का स्पष्टीकरण: वन परिक्षेत्राधिकारी मेरी लीना लकड़ा से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मजदूरों का भुगतान किया जा चुका है और अगर किसी का भुगतान शेष है, तो इसकी जांच की जाएगी। परिक्षेत्राधिकारी ने कहा कि यह विषय विभागीय जांच के अंतर्गत आ सकता है और किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों का असंतोष और आगे की मांग: मजदूरों का कहना है कि विभाग से उन्हें केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि उनकी मेहनत का भुगतान अधूरा है। उनका मानना है कि उनकी मजदूरी में किसी तरह की कटौती या देरी विभागीय कर्मचारियों की ओर से हो रही है। मजदूरों ने विभाग से अपील की है कि उन्हें उनकी पूरी मजदूरी तुरंत प्रदान की जाए, ताकि वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। मजदूरों की मांग: मजदूरों का कहना है कि वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और उनकी पूरी मजदूरी दी जानी चाहिए। वे चाहते हैं कि सरकार और वन विभाग जल्द से जल्द इस मामले में उचित कदम उठाएं। त्योहारों के इस समय में, मजदूरों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अतिरिक्त समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों ने प्रशासन से उम्मीद जताई है कि जल्द ही उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाएगा Post Views: 292 Please Share With Your Friends Also Post navigation भरतपुर अटल चौक के पास युवक का शव मिलने से फैली सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका बैटरी चोर पुलिस की गिरफ्त में, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया