बलरामपुर,

बलरामपुर जिले में रेत माफिया के अवैध उत्खनन और परिवहन की गतिविधियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। आरटीओ और माइनिंग विभाग की मिलीभगत से रेत का यह अवैध कारोबार यूपी, झारखंड और अंबिकापुर तक पहुंच रहा है।

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई: हाल ही में मिली सूचना के आधार पर तहसीलदार यशवंत कुमार ने महान नदी से छह वाहन, जिनमें तीन ट्रैक्टर और तीन टिपर शामिल हैं, अवैध रेत परिवहन के आरोप में जब्त कर लिए। इन वाहनों को बरियों चौकी और राजपुर थाना में खड़ा कर दिया गया है, और इस मामले की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन जिला खनिज कार्यालय को भेजा गया है।

अवैध उत्खनन की लहर: बलरामपुर के राजपुर क्षेत्र में परसवार, गोपालपुर, कर्रा, बासेन, धंधापुर और नरसिंहपुर महान नदियों से खुलेआम रेत का उत्खनन किया जा रहा है। प्रतिदिन 40 से 50 ट्रैक्टर, ट्रक और टिपर वाहन रेत को बाहर ले जा रहे हैं। रेत माफियाओं की यह गतिविधि वन और राजस्व विभाग को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा रही है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

परसवार महान नदी का हाल: परसवार महान नदी में एक्सीवेटर मशीनों और मजदूरों की मदद से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। इसके बावजूद, चेक पोस्ट और नाकों पर रेत माफियाओं की गाड़ियों की कोई चेकिंग नहीं हो रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सब कुछ सेटिंग के आधार पर चल रहा है।

नदी के क्षय की स्थिति: रेत के अत्यधिक उत्खनन के कारण परसवार महान नदी अब तालाब की तरह बेजान हो गई है। स्थानीय निवासियों में इस अवैध उत्खनन के खिलाफ गहरी चिंता है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

यह मामला न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन की गंभीरता और प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नदी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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By Chhattisgarh Kranti

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