लीलांबर यादव / धरमजयगढ़ धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले में मानव-हाथी संघर्ष का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हाथियों और मानवों की मौत की खबरें सुर्खियों में बनी हुई हैं। ताजा मामला धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल वन परिक्षेत्र के हाटी गांव का है, जहां तालाब के पास एक हाथी के शावक का शव मिला है। सूत्रों के अनुसार, मृत शावक की उम्र 3 से 4 महीने बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। हालांकि, यह कोई नई घटना नहीं है। धरमजयगढ़ वनमंडल में हाथियों की लगातार हो रही मौतें वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। महज एक सप्ताह पहले इसी क्षेत्र में हाथी का कंकाल मिलने की खबर आई थी। ऐसे में आज फिर से एक नन्हे हाथी की मौत ने वन विभाग की निष्क्रियता को उजागर कर दिया है। गौरतलब है कि हाथियों के संरक्षण और बचाव के लिए शासन द्वारा समय-समय पर योजनाएं और फंड जारी किए जाते हैं। बावजूद इसके, वन विभाग की ओर से ठोस कदम उठाए जाते नहीं दिख रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार और वन विभाग इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं। Post Views: 948 Please Share With Your Friends Also Post navigation सावधान – माखुर (तम्बाखू) खाना पड़ा महंगा, महिला के मुंह से निकले जिंदा कीड़े छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का आंदोलन: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन