न्यूज़ डेस्क / छत्तीसगढ़ सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार के उपयोग में लाये जाने वाले पोटाश बम ने ली नन्हे हाथी शावक की जान छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। सीतानदी टाइगर रिजर्व में पोटाश बम की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल एक नन्हे हाथी शावक ने शनिवार शाम 4 बजे करीब अंतिम सांस ली। वन विभाग के उपनिदेशक वरुण जैन ने शावक की मौत की पुष्टि की है। करीब एक माह पहले शिकार के लिए लगाए गए पोटाश बम को शावक ने गलती से खा लिया था, जिससे उसके जबड़े और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद से ही शावक दर्द में ठोकरें खाता हुआ जंगल में भटक रहा था। वन विभाग की टीम उसकी निगरानी कर रही थी और विशेषज्ञों ने उसे ट्रेंकुलाइज कर इलाज भी शुरू किया था। शुरुआत में स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन दो दिन पहले तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के लिए विभाग का हर संभव प्रयास विफलरिसगांव रेंज से तौरेंगा रेंज पहुंचे शावक की जीभ और मुंह के जख्म बढ़ते जा रहे थे। सूजन के कारण वह खाना-पीना भी छोड़ चुका था और कमजोरी के कारण खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। शावक की मां और झुंड ने भी उसे अकेला छोड़ दिया था। वन विभाग की टीम ने ड्रोन से उसकी निगरानी की और विशेषज्ञों की मदद से इलाज जारी रखा, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शावक की मौत ने न केवल वन विभाग में शोक की लहर पैदा कर दी है, बल्कि मानव-हाथी द्वंद और शिकार के लिए इस्तेमाल हो रहे खतरनाक तरीकों की ओर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐसे कृत्यों को रोकने की जरूरत एक बार फिर उजागर हुई है। Post Views: 454 Please Share With Your Friends Also Post navigation सुरेंद्र साहू को मिला इंडिया डायमंड डिग्निटी अवार्ड 2024, सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए जयपुर में हुआ सम्मान हसदेव नदी-जंगल बचाओ पदयात्रा पहुंची हरिहरपुर आज किसान सम्मलेन के साथ होगा समापन