रायपुर।छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन (सीबीए) ने बस्तर के युवा और जनपक्षधर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की है। इसे राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और माफियाओं के गठजोड़ का परिणाम बताते हुए आंदोलन ने बीजापुर के एसपी और कलेक्टर को तत्काल निलंबित करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। जनपक्षधर पत्रकारिता पर हमलासीबीए और इससे जुड़े 20 से अधिक घटक संगठनों ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि यह हत्या उन पत्रकारों पर हमला है, जो बस्तर में माओवादियों के नाम पर आदिवासियों के दमन, मानवाधिकार उल्लंघन, फर्जी मुठभेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट्स को सौंपने की साजिशों को उजागर करते रहे हैं। बयान में कहा गया कि मुकेश चंद्राकर ने हाल ही में गंगालूर से मिरतुल तक बन रही सड़क के घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार को उजागर किया था। लेकिन इस रिपोर्ट के बावजूद, दोषियों पर कोई कार्रवाई न होना, भ्रष्टाचार और प्रशासन-राजनीति के गठजोड़ की पोल खोलता है। पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकताछत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने राज्य में पत्रकारों की बढ़ती असुरक्षा और हमलों की घटनाओं को देखते हुए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर आरोप लगाया कि राज्य के गठन के 24 वर्षों में इन दलों ने कभी पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। संवेदना और संघर्ष का ऐलानछत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। संगठन ने इस बर्बर हत्याकांड के खिलाफ न्याय के लिए संघर्ष का ऐलान किया और आम जनता को लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया। संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले संगठनों के नाम: आलोक शुक्ला (संयोजक मंडल सदस्य, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन) संजय पराते (अखिल भारतीय किसान सभा, छत्तीसगढ़ किसान सभा) मनीष कुंजाम (अखिल भारतीय आदिवासी महासभा) सुदेश टेकाम (जिला किसान संघ) रमाकांत बंजारे कलादास डहरिया (छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, मजदूर कार्यकर्ता समिति) विजय भाई (भारत जन आंदोलन) उमेश्वर सिंह अर्मो (हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति) शालिनी गेरा (माटी) किसान संघर्ष समिति, कुरूद राजिम केतवास (दलित आदिवासी मंच, सोनाखान) जंगसाय पोया (गांव गणराज्य अभियान, बलरामपुर) केशव सोरी (आदिवासी जन वन अधिकार मंच, कांकेर) सफाई कामगार यूनियन मेहनतकश आवास अधिकार संघ (रायपुर) जैकब कुजूर (जशपुर विकास समिति) एस आर नेताम (राष्ट्रीय आदिवासी विकास परिषद, रायपुर) रिछारिया कैम्पेन दीपक साहू (रोजगार एकता संघ) डी एस माल्या (भूमि बचाओ संघर्ष समिति, धरमजयगढ़) छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन का बयान:“यह हत्या पत्रकारिता के लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। इस बर्बर हत्याकांड में शामिल सभी लोगों को सजा दिलाने के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे।” Post Views: 202 Please Share With Your Friends Also Post navigation थाना सूरजपुर पुलिस ने 155 नशीले इंजेक्शन के साथ महिला को किया गिरफ्तार जो अन्याय के खिलाफ लिखेगा, सच को सामने लाएगा, उसकी आवाज को दबाने के प्रयास किए जाएंगे- राकेश प्रताप सिंह परिहार