छत्तीसगढ़ बना स्वच्छता का सिरमौर : अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर को ‘स्वच्छता सुपर लीग’ में मिली जगह, रायपुर को मिला ‘प्रॉमिसिंग सिटी’ का खिताब

रायपुर : भारत सरकार द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी स्वच्छता संस्कृति का डंका बजा दिया है। देशभर के शहरों को पीछे छोड़ते हुए अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने नई शुरू की गई स्वच्छता सुपर लीग (SSL) में अपना स्थान पक्का किया है। यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है क्योंकि एसएसएल में केवल उन्हीं शहरों को जगह मिलती है, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार टॉप-3 में स्थान बनाया हो और इस वर्ष अपनी श्रेणी के टॉप 20% शहरों में शामिल हों।

छत्तीसगढ़ की स्वच्छता लीग में दमदार एंट्री

  • अंबिकापुर नगर निगम – 50,000 से 3 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में
  • पाटन नगर पंचायत – 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में
  • विश्रामपुर नगर पंचायत – 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में

रायपुर को मिला ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ का सम्मान

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को ‘Promising Swachh City’ का खिताब दिया गया है, जो आने वाले समय में स्वच्छता की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन की संभावनाओं को दर्शाता है। इसके अलावा रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए Ministerial Award भी प्रदान किया जाएगा।

बिलासपुर, कुम्हारी और बिल्हा को भी मिली राष्ट्रीय पहचान

  • बिलासपुर नगर निगम – 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले बड़े शहरों की श्रेणी में सम्मान
  • कुम्हारी नगर पालिका – 20,000 से 50,000 आबादी वाले छोटे शहरों की श्रेणी में सम्मान
  • बिल्हा नगर पंचायत – 20,000 से कम आबादी वाले अत्यंत छोटे शहरों की श्रेणी में सम्मान

राष्ट्रपति ने सौंपा सम्मान, उपमुख्यमंत्री अरुण साव हुए सम्मानित

देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को छत्तीसगढ़ की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। यह पल न केवल शासन के लिए बल्कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता के लिए भी गौरव का क्षण बन गया।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया गर्व

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी सम्मानित नगरीय निकायों को शुभकामनाएं देते हुए कहा—

“छत्तीसगढ़ की धरती ने स्वच्छता को सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि संस्कार के रूप में अपनाया है। यह सम्मान राज्य की मेहनती जनता, समर्पित शहरी निकायों और कर्मठ प्रशासन की संयुक्त उपलब्धि है।”


नवाचार और समर्पण का फल है यह सम्मान

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निरंतर प्रयासों और स्थानीय निकायों के समर्पण ने यह संभव बनाया है कि छत्तीसगढ़ के शहर न सिर्फ साफ-सुथरे हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता के आदर्श बनकर उभरे हैं।

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By Chhattisgarh Kranti

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