कोरबा । छत्तीसगढ़ में निकाय और पंचायत चुनाव में बागी रुख अख्तियार करने वालों पर बीजेपी ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। कोरबा की बात है तो यहां नगर निगम के नव नियुक्तों के निष्कासन की बात के बाद पार्टी ने जिले में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर बागी चुनाव लड़ने वाले 4 नेताओं को मैदान में उतारा है। इनमें से 2 महिला नेत्री भी हैं, जिन्होनें पार्टी की पसंदीदा पार्टी के खिलाफ की थी लड़ाई। इसी तरह कोरिया जिले से बीजेपी के एक बागी नेता को पार्टी ने 6 साल के लिए बर्खास्त कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि छत्तीसगढ़ में पद और कुर्सी के मोह में बगावत करने वाले नेताओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के महासचिव डंडा चला रहे हैं। कोरबा नगर निगम में बीजेपी के बागी किलेबंदी के मामले में सबसे पहले बीजेपी ने बड़ा एक्शन लिया था, जहां नव रिकार्ड्स को 6 साल के लिए पार्टी से अलग कर दिया गया था, वहीं श्रम मंत्री लाखनलाल देवांगन को इस मामले में पार्टी ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस पूरे पॉलिटिकल पब्लिशर के बाद बीजेपी ने एक बार फिर कोरबा के 4 बागी नेताओं पर निष्कासन की गाज गिरायी है। कोरबा में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां बीजेपी के खिलाफ दो बीजेपी नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी का समर्थन करते हुए चुनावी मैदान में अपनी-अपनी पार्टी का समर्थन किया है. बीजेपी के नेता कृष्णा राजपूत ने अपनी पत्नी चंद्रकांता राजपुर को चुनावी मैदान में उतारा। वहीं अरविंद भगत ने अपनी पत्नी मोनिका भगत को पार्टी के प्रमुख पद के लिए मंजूरी दे दी। इस मामले में बीजेपी ने कहा कि पार्टी से बगावत करने वाले सभी नेताओं ने अपनी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निश्चिात कर दिया है। Post Views: 212 Please Share With Your Friends Also Post navigation साय सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में युवा समाज की हित के लिए लगातार हो रहे काम …जाने पिछले एक साल मे साय सरकार ने क्या- क्या किए काम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: ओवैसी की पार्टी ने किया ऐलान 2026 में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी AIMIM