नई दिल्ली : लगातार बढ़ रहे बिजली बिल से देश भर में कई लोग काफी परेशान है। इस समस्या का हल करने के लिए लोग तरह-तरह की तकनीके अपनाते रहते हैं। ऐसे में क्या सच में मीटर में चमक लगाने से काम हो जाता है बिजली बिल? चलिए खबर में जानते हैं बिजली बिल को कम करने से जुड़े इस जुगाड़ के बारे में पूरी जानकारी। जैसे जिंदगी के लिए सांसे जरूरी हैं, ठीक उसी तरह इस दुनिया में रहने के लिए बिजली जरूरी हो गई है। मौजूदा समय में हमारी जिंदगी बिजली पर काफी निर्भर हो चुकी है। यह बात अलग है कि हर महीने आना वाला बिजली का बिल काफी महंगा होता जा रहा है। आपने ऐसी कई रील्स और वीडियो देखे होंगे जिनमें बिजली का बिल बचाने के लिए मीटर के साथ कुछ जुगाड़ बिठाने के तरीके बताए जाते हैं। एक सबसे पुराना और आम तरीका है चुंबक वाला। कई दावे किए जाते हैं कि मीटर में चुंबक लगा देने से मीटर की रीडिंग रुक जाती है और बिजली का बिल कम आता है। क्या ये दावा सच है? आइए जानते हैं असल में बिजली के मीटर में चुंबक लगाने से बिजली के बिल को कम करने का दावा एक मिथक और अवैध तरीका है। यह तरीका न केवल अनैतिक है बल्कि कानून के खिलाफ भी है। आइए जानते हैं इस मामले की सच्चाई और इसके गंभीर नतीजेइलेक्ट्रिक मीटर एक एक्यूरेट डिवाइस होता है जो आपकी खपत की गई बिजली को मापता है। पुराने मीटरों में चुंबक का असर पड़ने की संभावना हो सकती थी, लेकिन आधुनिक डिजिटल मीटर और स्मार्ट मीटर मैग्नेटिक इंटरफेरेंस से सेफ होते हैं। मीटर के डिजाइन और तकनीक में ऐसी व्यवस्था की गई है कि मैग्नेटिक इफेक्ट का कोई असर न हो। अगर चुंबक का उपयोग (use of magnet) करके बिजली के मीटर को धीमा करने की कोशिश की जाती है, तो इसका असर बिजली की खपत पर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब ये है कि असल में आपके द्वारा इस्तेमाल की गई बिजली की माप/ खपत में कोई बदलाव नहीं होगा। असल में बिजली के मीटर पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (electromagnetic field) काम करता है और चुंबक में मैग्नेटिक फील्ड। मैग्नेटिक फील्ड के मुकाबले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड ज्यादा दमदार होता है। बिजली के मीटर में छेड़छाड़ (tampering with electricity meter) करना एक गंभीर अपराध है। इसे बिजली चोरी माना जाता है, जो भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति मीटर में चुंबक लगाकर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल भी हो सकती है। बिजली विभाग (electricity department) के पास ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए खास टूल और टेक्नोलॉजी होती है। मीटर से छेड़छाड़ पर भारी जुर्माना और 6 महीने से 5 साल तक की जेल हो सकती है। बिजली के मीटर के साथ छेड़छाड़ (tampering with electricity meter) करने से बिजली सप्लाई में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट, आग लगने का खतरा और दूसरी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा हाई पावर वाले चुंबक का इस्तेमाल आपके इलेक्ट्रॉनिक सामान और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है। बिजली की बचत के लिए वैध तरीके अपनाएं, जैसे कि एनर्जी एफिशिएंसी वाले डिवाइस का इस्तेमाल, गैरजरूरी लाइट्स और मशीनों को बंद रखना।एनर्जी की बचत करने वाले बल्ब, स्मार्ट थर्मोस्टैट्स और दूसरे पावर सेविंग सामानों का उपयोग करें। ये तरीके न केवल आपके बिजली बिल को कम करेंगे बल्कि आपके पर्यावरण पर भी पॉजिटिव असर डालेंगे। अगर आपको लगता है कि आपका बिजली बिल बहुत ज्यादा आ रहा है, तो इसकी जांच के लिए बिजली विभाग से संपर्क करें। वो आपके मीटर की जांच करेंगे और किसी भी समस्या का समाधान निकालेंगे। बिजली के मीटर में चुंबक (electricity bill) लगाने से बिजली के बिल को कम करने की कोशिश न केवल गलत है बल्कि यह एक अवैध और खतरनाक कदम है। इसका परिणाम गंभीर कानूनी और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के रूप में सामने आ सकता है। बेहतर होगा कि आप बिजली बचत के सही और सुरक्षित तरीकों का सहारा लें और बिजली की चोरी से दूर रहें। Post Views: 229 Please Share With Your Friends Also Post navigation वॉट्सअप यूजर्स के लिए गुड न्यूज आ गया एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर, जानें फायदे और इस्तेमाल का तरीका… Indian Navy Warn Pakistan : ‘किसी भी समय, किसी भी जगह’ भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, कहा- #MissionReady..