जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए मांगे 500 रूपये, गरीब मां ने चावल बेचकर दी रिश्वत, कलेक्टर के निर्देश पर हुआ एक्शन
कोरबा : कोरबा जिला में जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए रिश्वत मांगने वाली एएनएम को निलंबित कर दिया गया है। आपको बता दे पिछले दिनों गरीब महिला के बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के नाम पर एएनएम ने 500 रूपये की मांग की थी। पीडीएस से मिलने वाले चावल को बेचकर महिला ने एएनएम को पैसे दिये थे। मीडिया के जरिये इस मामले को प्रमुखता से सामने लाने के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिये थे। जांच में रिश्वत की बात सही पाये जाने पर एएनएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद लगातार रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लेकिन इन सारे कार्रवाई के बाद भी रिश्वतखोरी के मामलों में कमी नही आ रही है। ताजा मामला कोरबा जिले का है। आदिवासी बाहुल्य इस जिले के वनांचल ग्राम बंजारी में रहने वाली गरीब महिला को भी रिश्वत के लिए नही बख्शा गया। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम बंजारी में रहने वाली अमीषा धनवार का बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र उप स्वास्थ्य केंद्र मड़ई से जारी हुआ था।

10 माह के बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में नाम गलत दर्ज हो गया था, जिसे सुधारने के लिए अमीषा उप स्वास्थ्य केंद्र मड़ई की एएनएम के चक्कर लगा रही थी। आरोप है कि एएनएम सरस्वती रजक ने महिला से 500 रूपये देने के बाद ही बच्चे के नाम में सुधार होने की बात कहकर उसे लौटा दिया। इसके बाद पीड़ित महिला ने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र सुधार करवाने के लिए पीडीएस से मिलने वाले 12 किलो चावल को बेचकर रिश्वतखोर एएनएम को पैसे दिये गये।
गरीब महिला के साथ हुए इस कृत्य की जानकारी के बाद मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से सामने लाया था। जिस पर कलेक्टर अजीत वसंत ने गंभीरता दिखाते हुए इस मामले की जांच का निर्देश दिया गया। तहसीलदार द्वारा मामले की जांच में शिकायत सही पाये जाने के बाद रिपोर्ट प्रेषित किया गया। जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओं एस.एन.केसरी ने तत्काल एक्शन लेते हुए एएनएम सरस्वती रजक को निलंबित कर दिया है।